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    बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का पैसा अटका, विद्यार्थियों की परीक्षा और डिग्री पर संकट

    By Premshankar MishraEdited By: Dharmendra Singh
    Updated: Sat, 18 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत हजारों छात्रों की ऋण किस्तें अटक गई हैं, जिससे उनकी परीक्षा और डिग्री पर संकट आ गया है। बिहार राज्य शिक् ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। उच्च शिक्षण संस्थानों में पैसे की कमी से किसी विद्यार्थी की पढ़ाई नहीं रुके, इसके लिए सरकार ने सात निश्चय के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की थी।

    पहले बैंकों के माध्यम से राशि जाती थी, इसमें परेशानी को देखते हुए बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम (बीएसईएफसीएल) से ऋण उपलब्ध कराया जाने लगा।

    इस साल ऐसे विद्यार्थियों के ऋण की किस्त राशि शैक्षणिक संस्थानों में नहीं भेजी जा रही है। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हजारों विद्यार्थियों की परीक्षा और डिग्री अटक गई है। उन्हें शैक्षणिक संस्थानों से नोटिस दिए जा रहे हैं। उनके लिए आगे की पढ़ाई मुश्किल होती जा रही है।

    शहर के ललित नारायण मिश्रा कालेज आफ बिजनेस मैनेजमेंट में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने शिकायत की है कि कालेजों को उनकी दो किस्तों की राशि जमा नहीं मिली है। ऐसे में वे परीक्षा का फार्म नहीं भर पा रहे हैं।

    कम से कम एक किस्त की राशि जमा हो जाती तो यह परेशानी कम हो जाती। शिकायत में विद्यार्थियों ने भी बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की भी मजबूरी है, इसलिए उनके स्तर से राशि की मांग की जा रही है।

    मामले की पड़ताल में यह बात सामने आई कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे लगभग साढ़े तीन हजार ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके ऋण की राशि की किस्त नहीं भेजी गई।

    सिकंदरपुर स्थित जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) से मिले डाटा के अनुसार इनमें ऐसे भी सैकड़ों विद्यार्थी हैं, जिनकी पहली किस्त ही नहीं भेजी गई है। डीआरसीसी से प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी बीएसईएफसीएल के स्तर से देरी हो रही है।

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    कुल मिलाकर 34 सौ से अधिक विद्यार्थियों की किस्त शिक्षण संस्थानों को नहीं जा सकी है। इनमें बिहार से बाहर के भी संस्थान हैं। वहां भी पढ़ रहे विद्यार्थियों को इस संकट से गुजरना पड़ रहा होगा।

    प्रक्रिया में भी हो रही देरी

    डीआरसीसी के प्रबंधक मनोज कुमार प्रधान ने बताया कि उनके तबादले का आदेश आ गया है। वह विरमित हो रहे हैं, मगर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में यहां से निबंधित विद्यार्थियों में करीब 34 सौ के ऋण की किस्त शैक्षणिक संस्थानों को नहीं मिल सकी है।

    उन्होंने कहा, पिछले कुछ माह से बीएसईएफसीएल के स्तर से परेशानी है। आवेदन मिलने के बाद उसके निष्पादन की प्रक्रिया में 15 दिनों की जगह दो से ढाई माह लग जा रहे।

    एकरारनामे के बाद भी आवेदक को ऋण मिलने में दो से ढाई माह का समय लग रहा है। इसके लिए भी अधिकतम समय-सीमा 15 दिन ही है। इससे शैक्षणिक संस्थानों में समय से ऋण की किस्त नहीं जा पाती है। इस योजना से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो यह समस्या सभी जिले में है।

    अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए समस्या

    ललित नारायण मिश्रा कालेज आफ मैनेजमेंट के रजिस्ट्रार डा. केएस शेखर ने कहा कि कुछ विद्यार्थियों के ऋण की किस्त कुछ दिन पहले आई है। कालेज के स्तर से उन विद्यार्थियों की डिग्री या परीक्षा रोकी जा रही जो अंतिम सेमेस्टर में हैं।

    संस्थान की यह मजबूरी है। कुछ विद्यार्थियों को कम उपस्थिति के कारण परीक्षा फार्म भरने से रोका गया है। जो अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थी नहीं हैं, उन्हें अलग से मिलने को कहा गया है, ताकि उनकी परेशानी कम हो सके।