मुजफ्फरपुर में शिक्षकों का समायोजन शुरू, शहर और मुशहरी से हटेंगे अतिरिक्त शिक्षक
Bihar Teacher Rationalization News: मुजफ्फरपुर में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डेटा अपडेट होने के बाद शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे ...और पढ़ें

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डेटा अपडेट होने के बाद अब शिक्षकों के तबादले की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Teacher Transfer Posting: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक रेशनलाइजेशन (समायोजन) की प्रक्रिया शुरू होते ही मुजफ्फरपुर जिले में हड़कंप मच गया है।
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डेटा अपडेट होने के बाद अब शिक्षकों के तबादले की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा असर मुशहरी प्रखंड और शहरी क्षेत्र के स्कूलों पर पड़ने जा रहा है।
जिले के शहरी क्षेत्र और मुशहरी प्रखंड के कई विद्यालयों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक पदस्थापित हैं। शहर के कुछ स्कूलों की हालत यह है कि वहां मात्र 25 छात्र-छात्राओं पर 10 शिक्षक तैनात हैं।
इसके विपरीत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले शिक्षकों का भारी अकाल पड़ा हुआ है।
आंकड़ों के मुताबिक मुशहरी प्रखंड में 69,526 विद्यार्थियों पर 3,047 शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे यहां छात्र-शिक्षक अनुपात 22:1 का है। नियम के अनुसार यह अनुपात 30:1 होना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर कटरा प्रखंड में एक शिक्षक पर औसतन 39 छात्र निर्भर हैं, जो शिक्षकों की भारी कमी को दर्शाता है।
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 'सरप्लस' (अतिरिक्त) घोषित किए जाने के बाद भी कई शिक्षक तबादले के लिए आवेदन करने से कतरा रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्र और मुशहरी में तैनात प्रभावशाली शिक्षक दूसरे दूर-दराज के प्रखंडों में जाने के इच्छुक नहीं हैं। हालांकि विभाग अब ट्रांसफर के लिए सख्त रुख अपना रहा है।
शिक्षा विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल में कम से कम 3 और पहली से आठवीं तक के स्कूल में न्यूनतम 5 शिक्षक रहेंगे।
विभाग का कहना है कि रेशनलाइजेशन का मकसद सभी स्कूलों में पढ़ाई का संतुलन बनाना है, जिसके लिए जल्द ही अंतिम सूची जारी होगी।