'आत्मा तक पहुंची ठंडक', मुजफ्फरपुर में झमाझम बरसे बदरा, उमस से मिली बड़ी राहत
Bihar Weather: मुजफ्फरपुर में कई दिनों की भीषण गर्मी और उमस के बाद आखिरकार झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली। यह बारिश धान की खेती के लिए ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में शनिवार को हुई मानसून की पहली बारिश के बीच बाइक से जाते लोग। फोटो सौ: जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। IMD Monsoon Update: पिछले कई दिनों से सूरज की तपिश और हवा में घुली असहनीय उमस ने मुजफ्फरपुर के लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। हर कोई बस टकटकी लगाए आसमान की ओर देख रहा था कि कब बदरा बरसेंगे और इस 'अग्निकुंड' जैसी गर्मी से निजात मिलेगी।
शनिवार की सुबह भी आम दिनों की तरह ही तीखी और खिली हुई धूप के साथ हुई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि मौसम चंद घंटों में ऐसा यू-टर्न लेने वाला है।

बादल ने जमाया डेरा
सुबह के करीब 9 बजे थे। अचानक हवा ने करवट बदली। पुरवा की जगह पछिया हवा चलने लगी और देखते ही देखते आसमान का रंग बदलने लगा। चमचमाती धूप कहीं बादलों के पीछे छिप गई।
तेज ठंडी हवा के झोंकों के साथ काले-काले बादलों ने पूरे मुजफ्फरपुर के आसमान को अपने आगोश में ले लिया। इसके बाद जो हुआ, उसने हर चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।
आसमान से झमाझम बारिश की बूंदें गिरने लगीं। 9 बजे से 11 बजे के बीच हुई इस मूसलधार बारिश ने शहर की सड़कों और लोगों के दिलों, दोनों को सराबोर कर दिया। गर्मी से बेहाल लोगों के मुंह से बरबस ही निकल पड़ा "वाह! आज तो आत्मा तक ठंडक पहुंच गई।"
कल की मायूसी, आज की खुशी
वैसे तो बीते शुक्रवार की सुबह भी बादलों ने ऐसी ही उम्मीद जगाई थी, लेकिन तब वे सिर्फ बूंदाबांदी करके ही रूठ गए थे। मगर शनिवार की बारिश ने कसर पूरी कर दी।

धान की खेती को 'संजीवनी बूटी'
यह बारिश सिर्फ आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि हमारे अन्नदाताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। खरीफ की फसल, खासकर धान के बिचड़े (नर्सरी) के लिए यह पानी 'संजीवनी बूटी' की तरह काम करेगा। लंबे सूखे के बाद खेतों में आई इस खनक ने किसानों के चेहरे पर भी रौनक लौटा दी है।
आखिर क्यों रूठा था मानसून?
बिहार में मानसून ने एंट्री तो समय पर ले ली थी, लेकिन फिर भी लोग बूंद-बूंद को तरस रहे थे। इस रहस्य से परदा उठाते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि मानसून समय पर आने के बावजूद 'अलनीनो' (El Niño) के प्रभाव के कारण कमजोर पड़ गया था।
खबरें और भी
इसी वजह से स्थितियां अनुकूल नहीं बन पा रही थीं और बारिश थमी हुई थी। शनिवार को हवा की दिशा बदलने और अनुकूल दबाव बनने के कारण आखिरकार झमाझम बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट के मुताबिक, अभी राहत का यह सिलसिला थमने वाला नहीं है। 27 से 29 जून के बीच उत्तर बिहार के जिलों में मध्यम श्रेणी की बारिश होने की पूरी संभावना है।
हालांकि, विभाग ने इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका भी जताई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यानी साफ है कि आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत बनी रहेगी।
पिछले पांच दिनों में तापमान की चाल
| तिथि | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| 26 जून 2026 | 36.5 | 24.6 |
| 25 जून 2026 | 37.6 | 26.8 |
| 24 जून 2026 | 38.0 | 25.8 |
| 23 जून 2026 | 39.0 (सबसे गर्म दिन) | 24.4 |
| 22 जून 2026 | 36.6 | 25.0 |