बिहार में फिर 'खेला': मुजफ्फरपुर में उद्घाटन से पहले ही दरका पुल, पिलर से गिरा कंक्रीट, दिखने लगा सरिया
Bihar Bridge Investigation: मुजफ्फरपुर में चंदवारा पुल उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके पिलरों से कंक्रीट गिर रहा है और सरिया दिख रहा ह ...और पढ़ें

IIT Patna Bridge Inspection: चंदवारा पुल का निरीक्षण करते पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य निगम के अधिकारीगण। फोटो सौ. विभाग

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Chandwara Bridge Damage: बिहार में पुलों के क्षतिग्रस्त होने और उनमें अनियमितता का एक और बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर में उद्घाटन से पहले ही चंदवारा पुल दरकने लगा है।
स्थिति यह है कि पुल के पिलरों से कंक्रीट क्रैश होकर नीचे गिर रहा है, जिससे उसके अंदर लगे लोहे के सरिए साफ तौर पर बाहर दिखाई देने लगे हैं। हालांकि, निर्माण कार्य में जुटी कंस्ट्रक्शन कंपनी इस भारी चूक और तकनीकी खामी को छिपाने के प्रयास में लगी रही।
आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत
इस गंभीर मामले का खुलासा तब हुआ जब आरटीआइ कार्यकर्ता देवव्रत कुमार सहनी ने सरकार से इसकी लिखित शिकायत की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया।
इसके बाद पथ निर्माण विभाग (पटना) के अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच टीम बुधवार को मुजफ्फरपुर के चंदवारा पुल का मुआयना करने पहुंची।

उच्च स्तरीय तकनीकी टीम ने की सघन जांच
जांच टीम ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हो चुके पिलरों, एक्सपेंशन जाइंट्स और डेक स्लैब का बेहद बारीक और सघन निरीक्षण किया। इस हाई-लेवल टीम में पथ निर्माण विभाग पटना और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के आला अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, एसडीओ और जूनियर इंजीनियर शामिल थे।
जांच टीम की अगुवाई कर रहे अधीक्षण अभियंता रानेन्द्र कुमार ने बताया कि टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त एक्शन होगा।
दोषी इंजीनियरों और एजेंसी पर कार्रवाई तय
शिकायतकर्ता देवव्रत कुमार सहनी के मुताबिक, शुरुआती जांच में ही पुल निर्माण में भारी गड़बड़ी और लापरवाही के सबूत मिले हैं। इसके बाद अब दोषी कंस्ट्रक्शन कंपनी और संबंधित विभाग के अभियंताओं पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
जांच टीम ने मौके पर ही कार्य कर रही एजेंसी को सख्त हिदायत दी है कि दो महीने के भीतर पुल की सभी तकनीकी कमियों और दरारों को पूरी तरह से ठीक (मरम्मत) किया जाए।
आईआईटी पटना के विशेषज्ञ करेंगे जांच
पुल के इस पूरे निर्माण कार्य की वैज्ञानिक शुद्धता, गुणवत्ता और मजबूती को परखने के लिए अब इसकी विस्तृत जांच आईआईटी (IIT) पटना के विशेषज्ञों से कराए जाने की तैयारी की जा रही है।
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अधिकारियों का कहना है कि जब तक आईआईटी पटना के विशेषज्ञों से अंतिम सुरक्षा क्लियरेंस सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता, तब तक इस पुल पर भारी वाहनों के परिचालन को पूरी तरह से प्रतिबंधित रखा जाएगा।