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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: नई टेंशन में फंस गए तेजस्वी और मुकेश सहनी! लगाने पड़ सकते हैं कोर्ट के चक्कर

    Updated: Thu, 18 Apr 2024 07:14 PM (IST)

    तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी नई टेंशन में फंस गए हैं। चुनाव के बीच मुजफ्फरपुर में उनके खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। परिवाद भारतीय सार्थक पा ...और पढ़ें

    नई टेंशन में फंस गए तेजस्वी और मुकेश सहनी! लगाने पड़ सकते हैं कोर्ट के चक्कर (फाइल फोटो)
    नई टेंशन में फंस गए तेजस्वी और मुकेश सहनी! लगाने पड़ सकते हैं कोर्ट के चक्कर (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के संरक्षक मुकेश सहनी, इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के विरुद्ध गुरुवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार लाल के कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है।

    यह परिवाद भारतीय सार्थक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सदर थाना के लहलादपुर पताही गांव के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने दाखिल किया है। इन सभी पर फर्जीवाड़ा व धोखाधड़ी कर भारतीय सार्थक पार्टी के नाव चुनाव चिह्न के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने परिवाद को सुनवाई के लिए रखा है। इसके लिए 27 अप्रैल को तिथि तय की है।

    परिवाद में यह लगाया आरोप

    अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने अपने परिवाद में कहा है कि वह भारतीय सार्थक पार्टी के बिहार के प्रदेश अध्यक्ष हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से उनकी पार्टी को नाव चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। यह चुनाव चिह्न पहले विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) को आवंटित था।

    परिवाद में आरोप लगाया गया है कि वीआइपी के संरक्षक मुकेश सहनी उनके व भारतीय सार्थक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर कुमार उर्फ पप्पू महतो के साथ लगातार संपर्क कर नाव चुनाव चिह्न वापस करने का दबाव व प्रलोभन दे रहे थे। इससे इनकार करने पर मुकेश सहनी व संतोष सहनी आइएनडीआइए (महागठबंधन) से तालमेल कर राज्य में लोकसभा के तीन सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। ये दोनों अन्य सभी सीटों पर चुनाव प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

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    तेजस्वी-सहनी पर फर्जीवाड़े का आरोप

    आरोप लगाया गया है कि सभी आरोपित जानबूझकर साजिश के तहत फर्जीवाड़ा कर उनकी भारतीय सार्थक पार्टी को आवंटित नाव चुनाव चिह्न का दुरुपयोग कर खुलेआम प्रचारित व प्रसारित कर रहे हैं। पिछले 31 मार्च को मुकेश सहनी के जन्मदिन पर उनके कार्यालय में नाव चुनाव चिह्न लगाकर कार्यक्रम किया गया।

    इसके अलावा महागठबंधन के बैनर-झंडा पर नाव चुनाव चिह्न लगाकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर भी इसी तरह का प्रचार किया जा रहा है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया है यह धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा कर उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

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