यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: फाइनेंसकर्मी ने बेटी को उठा लेने की दी धमकी, सदमे में पिता की हार्ट अटैक से मौत
Bihar Crime News मुजफ्फरपुर में फाइनेंसकर्मी का आतंक देखने को मिला है। किस्त ना जमा करने पर फाइनेंसकर्मी ने सीधे बेटी को उठा लेने की धमकी दे डाली। इस ...और पढ़ें

HighLights
- फाइनेंसकर्मी को ग्रामीणों ने बनाया बंधक-सात समूहों से उठाया था लोन
- हर माह 50 हजार रुपये किस्त करता था जमा, पोस्टमार्टम कराने से इनकार
संवाद सहयोगी, सकरा (मुजफ्फरपुर)। प्रखंड की सिराजाबाद पंचायत के वार्ड संख्या 10 निवासी मो. अकबर (55) की सोमवार को सुबह मौत हो गई। स्वजन के अनुसार कई दिनों से उन्हें फाइनेंसकर्मी किस्त नहीं जमा करने को लेकर बेटी को उठा ले जाने की धमकी दे रहा था।
इससे वह मानसिक तनाव व सदमे में थे। स्वजन का कहना है कि इसके कारण ही उनकी मौत हो गई है। आरोप है कि फाइनेंसकर्मी लगातार बेटी को उठा कर ले जाने, खून बेच कर पैसा जमा करने व पैसा नहीं देने पर बेइज्जत करने की धमकी दी जा रही थी। इसी सदमे में उनकी हार्ट अटैक से मौत हुई है।
बताते हैं कि रविवार को कई बार फाइनेंसकर्मी ने मोबाइल पर काल कर धमकी दी थी। सोमवार को अकबर को किस्त का छह हजार रुपये जमा करना था। इसे पूरा नहीं कर पाए। फाइनेंस कर्मी के आने के पहले ही मौत हो गई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने फाइनेंसकर्मी को करीब एक घंटे तक बंधक बना लिया।
बर्फ बेचकर परिवार का करता था भरण-पोषण
कंपनी के वरीय अधिकारियों को बुलाने का झांसा देकर वह भाग निकला। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया गया। अकबर बर्फ बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। दो बच्चे मजदूरी कर फाइनेंस से ली गई रकम की किस्त जमा कर रहे थे।
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मो. अकबर व उनकी पत्नी आसमा खातून के नाम पर करीब सात बैंकों से पांच लाख रुपये से अधिक की राशि का उठाव किया गया था। इसके एवज में प्रत्येक माह करीब 50 हजार रुपये किस्त जमा करना होता था। छोटे पुत्र मो. अनवारूल ने बताया कि वह बीए में पढ़ता है। उसके बाद भी कर्ज को सधाने के लिए मजदूरी करता है।
फाइनेंसकर्मी हमेशा पैसे के लिए पिता को प्रताड़ित करता था। एक दिन पूर्व से धमकी दी जा रही थी। पिता को भारत फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बार-बार प्रताड़ित कर रहा था। बहन को उठाकर ले जाने की धमकी दी गई थी। इससे पिता परेशान थे। इसी सदमे में उनकी मौत हो गई।
लोन देने से पहले कंपनी ने नहीं की पड़ताल
सकरा में संचालित विभिन्न फाइनेंस कंपनी से मो. अकबर व उनकी पत्नी ने करीब पांच लाख रुपये लोन उठाया, जबकि लोन देने से पहले कंपनी की ओर से आय के बारे में जानकारी नहीं ली गई।
अकबर का परिवार जिस घर में रहता है वह मात्र सवा पांच डिसमिल जमीन पर है, जो सरकार की ओर से बासकीत पर्चा से मिला था। अकबर के तीन पुत्रियां व दो पुत्र हैं। बड़ी पुत्री की शादी हो चुकी है। दो पुत्री की शादी एक साथ करने के चक्कर में वह कर्ज में डूबता चला गया।