यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: आईजी शिवदीप लाण्डे ने क्यों खोली 19 साल पुराने मर्डर केस की फाइल? यह है पूरा मामला
आईजी शिवदीप वामनराव लाण्डे ने मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना क्षेत्र में 19 साल पहले एक महिला की दहेज के लिए हत्या के मामले की फाइल दोबारा खोल दी है। इस म ...और पढ़ें

HighLights
- मोतीपुर में 2005 में दहेज के लिए विवाहिता की हत्या को लेकर कराई थी प्राथमिकी
- शादी के सात वर्षों के भीतर संदिग्ध परिस्थिति में हुई थी मौत
- नदी में मिले शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेज धारधार हथियार से जख्म का था
संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना क्षेत्र में 19 वर्ष पूर्व एक महिला की दहेज के लिए हत्या के मामले की आईजी शिवदीप वामनराव लाण्डे ने फाइल खोल दी है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में महिला के पति समेत छह लोगों को आरोपित किया गया था।
पुलिस ने महिला रीना देवी के पति उमेश सहनी को जेल भेजा था। 2006 में उस पर चार्जशीट दायर की गई थी। बाद में केस के आवेदक महिला के पिता अपने बयान से मुकर गए। इससे कोर्ट द्वारा चार्जशीटेड आरोपित महिला के पति उमेश सहनी को दोष मुक्त कर दिया गया।
इसके आधार पर साक्ष्य की कमी बताते हुए अंतिम प्रतिवेदन समर्पित करने की पुलिस की तैयारी थी। इसी बीच मामला सामने आने के बाद आइजी ने इसकी समीक्षा की। इसमें संचिका के अवलोकन से पता चला कि आरोपित उमेश सहनी की रीना देवी से कोर्ट मैरेज हुई थी।
घटना के पहले महिला से उसके ससुरालवालों ने दहेज में एक कट्ठा जमीन की मांग करने व इसके लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। प्राथमिकी में भी इसका उल्लेख है।
संचिका में उल्लेख है कि घटना की सूचना पर वादी जब वहां गए तो आरोपितों द्वारा महिला को सर्प कांट लेने व शव को नदी में प्रवाहित कर देने की बात बताई गई।
बयान से मुकरने के कारण वादी पक्षद्रोही साबित
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साक्ष्य की कमी बता अंतिम प्रतिवेदन समर्पित करने की थी तैयारी
आईजी का बयान
मोतीपुर के 19 वर्ष पुराने दहेज हत्या से संबंधित मामले की समीक्षा की गई है। साक्ष्य के आधार अन्य आरोपितों के विरुद्ध जांच जारी रखने का आदेश दिया गया है। -शिवदीप वामनराव लाण्डे, आईजी