ट्रेनों के कोच में लगेंगे चेहरे पहचानने वाले AI कैमरे, यार्ड की होगी ड्रोन से निगरानी; रेलवे ने बनाया सुरक्षा प्लान
रेलवे ने ट्रेनों, स्टेशन परिसरों और यार्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक नई योजना बनाई है। इसके तहत ट्रेनों के कोच में चेहरे पहचानने वाले AI कैमरे लगेंगे और यार्ड की ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
ट्रेनों के कोच में लगेंगे AI आधारित कैमरे।
यार्ड और खड़ी ट्रेनों की ड्रोन से निगरानी।
संदिग्ध गतिविधियों और चेहरों की पहचान होगी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। ट्रेनों में बढ़ रही लूट, चोरी, पथराव व आगजनी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से ट्रेनों, स्टेशन परिसरों व यार्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एआईट्रेनों के कोच में लगेंगे चेहरे पहचानने वाले AI कैमरे, यार्ड की होगी ड्रोन से निगरानी; रेलवे ने बनाया सुरक्षा प्लान, ड्रोन और सीसी कैमरे से निगरानी व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है।
बताया गया है कि ट्रेनों के प्रत्येक कोच में एआई आधारित सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों, चेहरे की पहचान व हथियार जैसी वस्तुओं का पता लगाकर तुरंत अलर्ट भेजेंगे।
इसके अलावा बड़े स्टेशनों के यार्ड, वाशिंग लाइन और खड़ी ट्रेनों की रात में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। रेलवे की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बदलते अपराध के तरीकों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
एआई कैमरों का होगा उपयोग
पथराव व आगजनी करने वालों की पहचान के लिए भी एआई कैमरों का उपयोग होगा। घटना होने पर रेलवे सुरक्षा बल व राजकीय रेलवे पुलिस संयुक्त रूप से जांच करेगी।
दोनों एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। इंटरनेट मीडिया पर संयुक्त ग्रुप भी बनाए जाएंगे, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे और कार्रवाई की लगातार निगरानी करेंगे।
यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। बोर्ड के अनुसार नई तकनीक के उपयोग से यात्रियों की सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।
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