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    जस्टिस एस चंद्रशेखर बने सुप्रीम कोर्ट के जज, मुजफ्फरपुर में जश्न; चाचा और मामा ने बांटी मिठाई

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 03:12 PM (IST)

    Justice S Chandrashekhar Supreme Court Judge: जस्टिस एस चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जिससे उनके पैतृक गांव मुजफ्फरपुर ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त होने पर मिठाई खिलाते ग्रामीण। फोटो सौ: ग्रामीण

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    डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Justice S Chandrashekhar :  सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को न्यायाधीश पद की शपथ लेने वाले न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर मूल रूप से मुजफ्फरपुर के हैं। जिले के मड़वन प्रखंड की झखड़ा शेख पंचायत के चैनपुर गांव में उनका घर है। वर्षों से यह परिवार अब झारखंड के रांची में ही रह रहा है। पंचायत के मुखिया दिनेश यादव ने कहा, पिता श्याम किशोर सिंह झारखंड में नौकरी थी। इस कारण परिवार वहीं बस गया। दादा किसान थे। अच्छी खासी जमीन थी। अब भी यहां जमीन है। खेती-बारी होती है।

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    सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई 

    विदित हो कि न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में मंगलवार को शपथ दिलाई गई। इससे पहले वे बांबे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। वे राजस्थान व झारखंड उच्च न्यायालय में भी न्यायाधीश रह चुके हैं। मुखिया के अनुसार उनके छोटे भाई प्रदूषण विभाग में बड़े अधिकारी हैं।

    चैनपुर गांव में पूजा-हवन और बंटीं मिठाइयां

    जस्टिस चंद्रशेखर का परिवार वर्तमान में गांव से बाहर रहता है, लेकिन कुढ़नी प्रखंड के अपने पैतृक गांव चैनपुर की मिट्टी से उनका जुड़ाव हमेशा की तरह अटूट है।

    जैसे ही ग्रामीणों को उनके सुप्रीम कोर्ट में जज बनने की आधिकारिक सूचना मिली, गांव के शुभचिंतक, मित्र और संबंधी एक जगह इकट्ठा हो गए। लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी।

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    इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए ग्रामीणों ने जस्टिस चंद्रशेखर के पैतृक आवास के सामने स्थित मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य हवन का आयोजन किया।

    विद्वान पुरोहितों और गांव के बुजुर्गों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनके दीर्घायु होने और उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। इसके बाद पूरे गांव में बड़े पैमाने पर मिठाइयां बांटी गईं, जिससे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक जश्न मनाया।

    परिजनों और ग्रामीणों में गर्व का भाव

    इस बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने जस्टिस चंद्रशेखर के चाचा युगल किशोर सिंह और मामा नवल किशोर सिंह ने गांव वालों के साथ मिलकर इस जश्न की कमान संभाली। उन्होंने बधाई देने आ रहे शुभचिंतकों का मुंह मीठा कराया।

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    चैनपुर गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि को याद करते हुए बताया कि जस्टिस एस चंद्रशेखर के पिता श्याम किशोर सिंह इसी गांव से जुड़े एक अत्यंत सम्मानित और कर्तव्यनिष्ठ सेवानिवृत्त अभियंता (इंजीनियर) हैं।

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    उन्होंने अपने बच्चों को सदैव उच्च शिक्षा और संस्कारों की प्रेरणा दी। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी जस्टिस चंद्रशेखर का परिवार गांव आता है, उनका व्यवहार बेहद सरल, सौम्य और जमीन से जुड़ा रहता है।

    हमारे गांव का बेटा अब देश की सबसे बड़ी अदालत में न्याय की पीठ की शोभा बढ़ाएगा, यह पूरे कुढ़नी प्रखंड और मुजफ्फरपुर जिले के लिए बड़े सौभाग्य की बात है।

    इस दौरान मुकेश कुमार सिंह, निरंजन कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह, रामबाबू सिंह, सोनू प्रताप सिंह, अनिल साह और मच्छु पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

    दिल्ली यूनिवर्सिटी से सर्वोच्च न्यायालय तक का सफर

    25 मई 1965 को जन्मे जस्टिस एस चंद्रशेखर ने अपनी कानून की शिक्षा 1993 में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित 'कैंपस लॉ सेंटर' से पूरी की। 9 नवंबर 1993 को दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत होने के बाद उन्होंने दिल्ली में आपराधिक और दीवानी मामलों में वकालत शुरू की।

    लगभग 19 वर्षों के अपने वकालत के करियर में उन्होंने करीब 3500 मामलों में पैरवी की, जिनमें से अधिकांश मामले सुप्रीम कोर्ट के थे। सर्वोच्च न्यायालय के लगभग 140 ऐतिहासिक फैसलों में वे बतौर वकील शामिल रहे।

    वे सुप्रीम कोर्ट में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और झारखंड सरकार के स्थायी अधिवक्ता भी रहे। इसके अलावा उन्होंने बिहार राज्य आवास बोर्ड, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) जैसी शीर्ष संस्थाओं का प्रतिनिधित्व किया।

    झारखंड और बंबई हाईकोर्ट में अमिट छाप

    जस्टिस एस चंद्रशेखर को 17 जनवरी 2013 को झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था, जहां वे 27 जून 2014 को स्थायी जज बने।

    उन्होंने 29 दिसंबर 2023 से झारखंड हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का दायित्व भी संभाला। झारखंड में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों में ऐतिहासिक फैसले दिए, जिससे न्यायिक हलकों में उनकी एक सख्त और संतुलित जज के रूप में पहचान बनी।

    बाद में उनका स्थानांतरण राजस्थान हाई कोर्ट हुआ, और फिर वे बंबई हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए।

    कॉलेजियम की सिफारिश पर मुहर

    वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में 22 और 27 मई को आयोजित सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में देश के चार प्रमुख हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और एक वरिष्ठ अधिवक्ता के नाम की सिफारिश शीर्ष अदालत के जज के लिए की गई थी।

    इस कॉलेजियम ने बंबई हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की थी।

    इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना के नाम की भी सिफारिश की गई थी। जस्टिस चंद्रशेखर के इस सर्वोच्च पद पर पहुंचने से पूरे कुढ़नी प्रखंड, मुजफ्फरपुर और बिहार के न्यायिक व सामाजिक क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।