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    खुदीराम बोस की जन्मभूमि से मुजफ्फरपुर आ रही पवित्र मिट्टी, 11 अगस्त को होगा भावपूर्ण अर्पण

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 10:57 PM (GMT+05:30)

    खुदीराम बोस की जन्मभूमि मिदनापुर से लाई गई पवित्र मिट्टी और सिद्धेश्वरी काली माता का चरणामृत 11 अगस्त को मुजफ्फरपुर में अर्पित किया जाएगा। यह आयोजन उन ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारी।

    मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारी।

    HighLights

    1. खुदीराम बोस की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र मिट्टी।

    2. 11 अगस्त को मुजफ्फरपुर में होगा भावपूर्ण अर्पण।

    3. क्रांतिकारी की अधूरी अंतिम इच्छा को मिलेगा सम्मान।

    अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। 115 वर्ष पहले जिस धरती के लाल ने मुजफ्फरपुर में हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमकर आजादी की अलख जगाई थी, उसी वीर सपूत की जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी अब उनकी कर्मभूमि पहुंचेगी।

    मिदनापुर से लाई जा रही यह मिट्टी और सिद्धेश्वरी काली माता का चरणामृत 11 अगस्त को केंद्रीय कारा स्थित फांसी स्थल और चिताभूमि पर श्रद्धापूर्वक अर्पित किया जाएगा। यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि खुदीराम बोस की अधूरी अंतिम इच्छा को भावपूर्ण सम्मान देने का प्रयास भी है।

    बचपन की यादों से जुड़ी है यह पवित्र मिट्टी

    अमर बलिदानी खुदीराम बोस की स्मृतियों से जुड़ी पवित्र मिट्टी और सिद्धेश्वरी काली माता का चरणामृत शनिवार को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर से मुजफ्फरपुर पहुंचेगा। यह मिट्टी उस विद्यालय के खेल मैदान से लाई गई है, जहां खुदीराम बोस ने बचपन में शिक्षा ग्रहण की और खेलते-कूदते अपने सपनों को आकार दिया था।

    11 अगस्त को फांसी स्थल और चिताभूमि पर होगा अर्पण

    यह पवित्र मिट्टी 11 अगस्त को केंद्रीय कारा स्थित फांसी स्थल और उनकी चिताभूमि पर श्रद्धापूर्वक अर्पित की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य महान क्रांतिकारी के बलिदान को नमन करने के साथ उनकी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

    शोध में सामने आई थी अंतिम इच्छा

    खुदीराम बोस पर शोध करने वाले लेखक अरिंदम भौमिक ने बताया कि मिदनापुर कालेजिएट स्कूल (पूर्व नाम हेमिल्टन स्कूल) की प्रधानाध्यापिका हिमानी पार्या ने उन्हें यह पवित्र मिट्टी सौंपी है। वर्ष 2018 में शोध के दौरान पुराने दस्तावेजों से खुदीराम बोस की अंतिम चार इच्छाओं की जानकारी मिली थी। इनमें मृत्यु से पहले अपने जन्मस्थान मिदनापुर की पवित्र मिट्टी को स्पर्श करने की इच्छा भी शामिल थी, जो उनके जीवनकाल में पूरी नहीं हो सकी।

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    2018 से निभा रहे हैं श्रद्धा का संकल्प

    अरिंदम भौमिक ने बताया कि इसी भावना से प्रेरित होकर वह वर्ष 2018 से प्रत्येक बलिदान दिवस पर खुदीराम बोस के विद्यालय और जीवन से जुड़े स्थानों की मिट्टी मुजफ्फरपुर लाते हैं। इस वर्ष पहली बार सिद्धेश्वरी काली माता का चरणामृत भी साथ लाया जा रहा है।

    बंगाल से आएगा प्रतिनिधिमंडल

    मिदनापुर से आने वाले प्रतिनिधिमंडल में खुदीराम बोस की बड़ी बहन अपरूपा देवी के पौत्र सुभ्रत राय, ममता राय, रिंकी भौमिक, अरिन भौमिक, एरिक भौमिक, मिदनापुर केंद्रीय सुधार गृह के कल्याण पदाधिकारी अनिरुद्ध घोष, सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. सुरेश चंद्र दास तथा चिकित्सक डॉ. भवानी प्रसाद देव शामिल रहेंगे। यह प्रतिनिधिमंडल बलिदानी की स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लेगा।