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    मुजफ्फरपुर में क्या आपकी जमीन भी बियाडा में दिखा दी गई? सरकार ने मांगी जांच रिपोर्ट

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:19 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर में बियाडा द्वारा अधिग्रहित बताई गई जमीनों की अब सरकारी जांच होगी। मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर राजस्व विभाग ने समाहर्ता से रिपोर्ट मा ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. सरकारी जांच होगी बियाडा द्वारा अधिग्रहित बताई गई जमीनों की।

    2. मुख्यमंत्री सचिवालय ने राजस्व विभाग को जांच के निर्देश दिए।

    3. मुजफ्फरपुर समाहर्ता से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड और नगर निगम क्षेत्र के कई रैयतों के लिए राहत भरी खबर है। जिन जमीनों को बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की अधिग्रहित भूमि बताया गया था, अब उसकी सरकारी जांच होगी। मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने समाहर्ता से पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।

    रैयतों को मिली राहत की उम्मीद

    मुशहरी प्रखंड के कन्हौली विशुनदत्त, रोहुआ आपुछ समेत कई गांवों के रैयत लंबे समय से अपनी जमीन को लेकर परेशान थे। बियाडा की ओर से इन जमीनों को अधिग्रहित बताने के बाद लोगों में असमंजस और चिंता का माहौल था। अब सरकार के हस्तक्षेप से मामले के समाधान की उम्मीद बढ़ी है।

    1986 की अधिसूचना पर उठे सवाल

    रैयतों का कहना है कि वर्ष 1986 की एक अधिसूचना के आधार पर उनकी जमीन को अधिग्रहणाधीन बताया जा रहा है। हालांकि, अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया, मुआवजे का भुगतान और राजस्व अभिलेखों की स्थिति आज तक स्पष्ट नहीं की गई। इसी कारण लोग बियाडा के दावे का लगातार विरोध कर रहे हैं।

    विधायक ने उठाया था मामला

    नगर विधायक रंजन कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर रैयतों की समस्या से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विधिसम्मत साबित होने तक रैयती जमीन पर किसी भी तरह की कार्रवाई या प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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    मुख्यमंत्री सचिवालय से मिला निर्देश

    विधायक के पत्र के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने मामले को गंभीरता से लिया। सचिवालय की ओर से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

    समाहर्ता से मांगी गई रिपोर्ट

    राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव ने मुजफ्फरपुर के समाहर्ता कुमार गौरव को पत्र भेजकर संबंधित जमीनों के अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी, जिससे वर्षों से चले आ रहे इस विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।