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    मुजफ्फरपुर क्लब की 9.43 एकड़ जमीन पर बिहार गुरुद्वारा समन्वय समिति ने ठोका दावा

    By Pramod Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Fri, 08 May 2026 12:16 PM (IST)

    Bihar Gurudwara Committee: मुजफ्फरपुर क्लब की 9.43 एकड़ जमीन पर बिहार गुरुद्वारा समन्वय समिति ने दावा ठोका है, इसे जैतपुर नानकशाही मठ की संपत्ति बताया ...और पढ़ें

    यह तस्वीर इंटरनेट मीडिया से ली गई है।

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    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Club Land: मुजफ्फरपुर क्लब की जमीन को लेकर विवाद और गहरा गया है। बिहार गुरुद्वारा समन्वय समिति ने क्लब की 9.43 एकड़ भूमि पर अपना दावा ठोकते हुए इसे जैतपुर नानकशाही मठ की संपत्ति बताया है। समिति ने कहा है कि यह जमीन जैतपुर स्टेट की नहीं बल्कि सिख समाज की धार्मिक संपदा है।

    99 वर्ष की लीज पर थी जमीन

    बिहार गुरुद्वारा समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह गंभीर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्ष 1885 में जैतपुर नानकशाही मठ के तत्कालीन महंत चौधरी रघुनाथ दास ने इस जमीन को स्टेशन क्लब के तत्कालीन संचालक एएन स्टुअर्ट को जिमखाना अथवा क्लब संचालन के लिए 99 वर्षों की लीज पर दिया था। उस समय मासिक किराया 25 रुपये तय किया गया था, जिसे बाद में 1889 में बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया।

    लीज डीड पर उठाए सवाल

    समिति अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लीज एग्रीमेंट में यह उल्लेख कर दिया गया था कि 99 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद जमीन जैतपुर एस्टेट को चली जाएगी।

    उन्होंने इसे गलत और अवैध बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संपत्ति का हस्तांतरण केवल एक लाइन जोड़कर नहीं किया जा सकता। इसके लिए विधिवत रजिस्ट्री जरूरी होती है।

    कोर्ट तक जाएगी समिति

    योगेंद्र सिंह गंभीर ने कहा कि बिहार गुरुद्वारा समन्वय समिति इस लीज डीड को निरस्त कराने के लिए कानूनी कार्रवाई करेगी। इसके लिए अंचलाधिकारी, एसडीओ राजस्व से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी।

    समिति को तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहेब, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का सहयोग भी लेने की बात कही गई है।

    गुरुद्वारा और अस्पताल बनाने की योजना

    समिति ने कहा कि जैतपुर नानकशाही मठ को अधिग्रहित कर मुजफ्फरपुर क्लब की जमीन पर गुरुद्वारा और गुरु नानक देव जी के नाम पर अस्पताल बनाने की योजना है। साथ ही मठ के संचालन और देखरेख के लिए अलग कमेटी गठित की जाएगी।

    पांच सदस्यीय अधिवक्ता कमेटी गठित

    विवादित भूमि और मठ से जुड़े मामलों की जांच के लिए समिति ने पांच सदस्यीय अधिवक्ता कमेटी बनाई है। इसमें अधिवक्ता सरदार परमेश्वर सिंह खालसा, रविनंदन सहाय, अरुण शुक्ला, नरेश कुमार और महेंद्र प्रसाद सिंह शामिल हैं। यह कमेटी जैतपुर और अन्य नानकशाही मठों की संपत्तियों के निजीकरण और पिछले 200 वर्षों में हुए कथित अवैध हस्तांतरण की भी जांच करेगी।

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