मुजफ्फरपुर में डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पटना से पिता-पुत्र गिरफ्तार
साइबर थाने की पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें पटना से पिता-पुत्र समेत दो आरोपी गिरफ्तार किए गए ...और पढ़ें
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सीबीआई व पुलिस बताकर डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले बड़े गिरोह का साइबर थाने की पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
इस दौरान गिरोह से जुड़े दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपित पिता-पुत्र हैं। रविवार की रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपितों में पटना जिले के राजीव नगर इलाके के प्रियरंजन शर्मा एवं उसके पुत्र अनंत अभिषेक शामिल हैं। आरोपितों के घर से नगदी 23 हजार 900 रुपये, एक लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के पासबुक एवं चेकबुक 19, मोबाइल तीन, चार मोहर, एक पैन ड्राईव, तीन स्कैनर अन्य विभिन्न बैंकों से संबंधित कागजात आदि जब्त किए गए हैं।
देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक शिकायत दर्ज
साइबर डीएसपी ने कहा कि आरोपितों के बैंक खातों पर देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक शिकायत दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपितों द्वारा एनजीओ के नाम पर खाता खुलवाकर विभिन्न प्रकार से साइबर ठगी कर रुपया मंगाए जाते थे।
पूछताछ में विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर फ्राड के बारे में जानकारी मिली है। निशानदेही पर विशेष टीम कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं।
इस तरह से की गई थी ठगी
बताया गया कि हाल के दिनों में सीबीआई पुलिस बनकर परिवार के किसी सदस्य की गिरफ्तारी की बात बताकर साइबर ठगी की जा रही थी। इसको लेकर लगातार जागरूगता संदेश जारी किया जा रहा है। फिर भी आमगोला के एक रिटायर्ड बैंककर्मी से 67 लाख रुपये की ठगी कर ली गई थी।
वादी महेश गामी को अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय वॉट्सएप नंबरों से फोन कर स्वयं को सीबीआई पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके आधार नंबर का फर्जीवाड़ा एवं मनी लॉन्ड्रिंग में उपयोग होने की बात बताई गई।
उक्त आलोक में वादी को डिजिटल अरेस्ट कर डरा-धमकाकर दो बार में 67 लाख रुपये की ठगी कर ली गई थी। पीड़ित की ओर से साइबर थाना में प्राथमिकी कराई गई थी।
विशेष टीम ने छापेमारी कर पटना से पकड़ा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित टीम द्वारा तकनीकी बिंदुओं व विभिन्न बैंकों के घोस्ट/म्यूल अकाउंट की बारीकियों से विश्लेषण किया गया। इसके उपरांत विशेष टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त खाता धारक प्रियरंजन शर्मा एवं उसके पुत्र अनंत अभिषेक को ठगी करने में प्रयुक्त मोबाइल, घोस्ट अकाउंट एवं संबंधित डेबिट कार्ड के साथ छापेमारी कर पटना स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
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एनजीओ के नाम पर खाता खुलवाकर ठगी
जांच व पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपितों द्वारा एनजीओ के नाम पर खाता खुलवाकर विभिन्न प्रकार से साइबर ठगी कर रुपया मंगाया जाता था।
मामले में पुलिस अग्रतर कार्रवाई कर रही है। आरोपितों पर क्राइम ब्रांच चेन्नई में पिछले साल का मामला दर्ज हैं। इसके अलावा पाउंड पुलिस स्टेशन (मुंबई) में भी पिछले साल मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों से संपर्क कर केसों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा हैं।