यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Bijli: सवा लाख बिजली उपभोक्ताओं की नहीं हो रही बिलिंग, विभाग में मचा हड़कंप; टेंशन में अधिकारी!
मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी और शिवहर जिले के 1.25 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर की बिलिंग नहीं हो रही है जिसमें 17000 औद्योगिक मीटर भी शामिल है ...और पढ़ें

HighLights
- मुजफ्फरपुर समेत सीतामढ़ी, शिवहर जिले के उपभोक्ता इसमें शामिल
- ऊर्जा विभाग के प्रबंधक निदेशक के आदेश पर एसी ने घर-घर जांच करने को कहा
- बिजली चोरी पकड़े जाने पर सर्टिफिकेट केस दर्ज करने का आदेश
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिला सहित इस सर्किल के सीतामढ़ी व शिवहर जिले के करीब सवा लाख बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर की बिलिंग नहीं हो रही है। इसमें 17,000 औद्योगिक मीटर भी शामिल हैं। उन सबकी जांच शुरू कर दी गई है। उपभोक्ताओं के राज्य भर से आ रहे डाटा एनालिसिस के दौरान ऊर्जा विभाग के प्रबंधक निदेशक निलेश रामचन्द्र देवड़े ने निगेटिव बिलिंग वाले स्मार्ट मीटर की जांच करने का आदेश दिया है।
उसके बाद मुजफ्फरपुर सहित राज्य के सभी सर्किल के विद्युत अधीक्षण अभियंता द्वारा इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुजफ्फरपुर सर्किल के विद्युत अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश ने तीनों जिले में अलग-अलग कमेटी बनाई है। अधिकारियों को घर-घर जाकर जांच करने आदेश दिया है।
क्यों हो रही निगेटिव बिलिंग?
उपभोक्ता के संबंध में बताया जाता है कि सवा लाख निगेटिव बिलिंग है। इसमें तीन-चार तरह की बातें हो सकती हैं। पहली बात- या तो स्मार्ट मीटर बंद है, दूसरा या तो बाइपास कर बिजली जल रही है। तीसरी या तो मीटर का रिचार्ज कराना छोड़ दिया गया या दूसरे मीटर से जोड़कर बिजली जलाई जा रही है।
उपभोक्ताओं के हर महीने के डाटा एनालिसिस से यह मामला पकड़ में आया है। विद्युत अधीक्षण अभियंता ने कहा कि ऐसे लोगों को चिह्नित कर सर्टिफिकेट केस किया जाएगा। साथ ही परमानेंट लाइन डिसकनेक्ट कर दिया जाएगा।
क्यों नहीं बन रहा बिजली बिल, जांच शुरू
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद सवा लाख उपभोक्ता कुछ महीने तक रिचार्ज कराए, उसके बाद उनका रिचार्ज करना बंद हो गया। इससे उनकी महीने में बनने वाला बिजली बिल जीरो हो गया। अब कैसे बिजली बिल नहीं बन रहा, इसकी जांच की जा रही है। जबकि उनके मीटर तक पोल से लाइन गई है। सिस्टम में इस बात का संकेत कर रहा है कि उनकी लाइन मीटर तक गई है, लेकिन रिचार्ज नहीं हो रहा।
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इसके चलते विभाग को करोड़ों के राजस्व की क्षति हो रही है। इसकी राज्य स्तर से मानीटरिंग होने के बाद कनीय, सहायक एवं कार्यपालक विद्युत अभियंताओं को जांच करने को कहा गया है। बीच-बीच में विद्युत अधीक्षण अभियंता स्वयं भी जांच कर कार्रवाई करेंगे।
| मुजफ्फरपुर में रिचार्ज नहीं होने वाले मीटर | 44868 |
| मुजफ्फरपुर पूर्वी डिवीजन | 12745 |
| मुजफ्फरपुर अरबन-1 | 2848 |
| मुजफ्फरपुर अरबन-2 | 10480 |
| मुजफ्फरपुर पश्चिमी डिवीजन | 18795 |
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