मुजफ्फरपुर में युवती का चेहरा असली, तस्वीरें फर्जी... AI से रची ब्लैकमेलिंग की साजिश
मुजफ्फरपुर में एक युवती को AI तकनीक का दुरुपयोग कर बनाई गई अश्लील तस्वीरों और निजी दस्तावेजों से ब्लैकमेल किया जा रहा है। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का दुरुपयोग कर एक युवती की निजी तस्वीरों और दस्तावेजों को हथियार बनाकर उसे ब्लैकमेल करने और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है।
फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर एआई जनरेटेड अभद्र फोटो-वीडियो वायरल किए गए, जिससे युवती और उसका परिवार मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
एआई से तैयार किए अभद्र फोटो-वीडियो
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उसने देवरिया थाना क्षेत्र के रहने वाले पिता-पुत्री पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एआई की मदद से उसकी अभद्र फोटो और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए। इसके साथ ही निजी दस्तावेज और मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक कर दिए।
फर्जी आईडी बनाकर किया परेशान
पीड़िता के अनुसार आरोपितों ने फर्जी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लगातार उसे और उसके परिवार को निशाना बनाया। बिना अनुमति निजी तस्वीरों का इस्तेमाल कर उन्हें एआई के जरिए आपत्तिजनक रूप दिया गया और इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया गया।
मोबाइल नंबर वायरल, आने लगे अश्लील कॉल
शिकायत में कहा गया है कि अभद्र फोटो-वीडियो के साथ पीड़िता का मोबाइल नंबर भी साझा कर दिया गया। इसके बाद लगातार अनजान नंबरों से अश्लील कॉल और आपत्तिजनक संदेश आने लगे। कॉल करने वाले गाली-गलौज करने के साथ ब्लैकमेल कर रुपये की मांग भी कर रहे हैं।
विरोध करने पर दी और बदनाम करने की धमकी
युवती का आरोप है कि जब उसने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपितों ने और अधिक फोटो-वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी दी। इससे वह और उसका परिवार लगातार मानसिक तनाव में है।
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साइबर पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच
साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और व्हाट्सएप नंबर को सर्विलांस पर लिया है। डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।