Bihar News : अब जेल जाने की जरूरत नहीं, घर बैठे वीडियो कॉल पर होगी बंदियों से मुलाकात
मुजफ्फरपुर की शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंदियों से मुलाकात के लिए ई-मुलाकात प्रणाली फिर से शुरू की गई है। अब स्वजन घर बैठे वीडियो कॉल या जेल ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंदियों से मुलाकात प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ई-मुलाकात प्रणाली फिर शुरू की गई है।
बिहार सरकार के कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय (गृह विभाग) द्वारा जारी निर्देशों के तहत अब स्वजन, चिकित्सकों और अधिवक्ताओं को कैदियों से मिलने के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। इसके लिए दो माध्यमों से आनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी गई है।
पहला सामान्य माध्यम है। इसमें आवेदक नेशनल प्रिजंस इन्फार्मेशन पोर्टल eprisons.nic.in पर जाकर विजिटर और बंदी दोनों का ब्योरा भरकर आवेदन कर सकते है।
दूसरा सुलभ माध्यम सिटीजन सर्विस है। इसके तहत स्वजन जेल में अपना मोबाइल नंबर वेरीफाई कराने के बाद पोर्टल पर सिटीजन सर्विस पर ओटीपी के जरिए लागिन करके मीटिंग स्लाट बुक कर सकते है।
इस व्यवस्था के तहत मुलाकात का माध्यम फिजिकल (जेल जाकर मिलना) या वीडियो कान्फ्रेंसिंग (घर बैठे वीडियो काल) में से चुना जा सकता है। पंजीकरण के दौरान आइडी प्रूफ फोटो और साथ में आने वाले अन्य स्वजन का ब्योरा अपलोड करना अनिवार्य होगा।
विदित हो कि कोरोना काल में यह सिस्टम लागू था, बाद में इसे बंद कर दिया गया था। इसे नई तकनीक के साथ फिर शुरू किया जा रहा है। यह सुविधा प्रति बंदी सप्ताह में एक ही दिन मिलेगी और आनलाइन आवेदन स्वीकृत होने के बाद मूल पहचान पत्र साथ लाना होगा।
विशेष निर्देश जारी करते हुए प्रशासन ने स्वजन से अपील की है कि वे किसी साइबर कैफे के नंबर की बजाय अपने ही मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि कारा प्रशासन से अनुमति मिलने में आसानी हो।
कारा प्रशासन ने इस जानकारी का पोस्टर कई सार्वजनिक जगहों पर भी लगाया है। ताकि इसके बारे में लोगों को जानकारी हो। जेल अधीक्षक युसुफ रिजवान ने कहा, शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में यह सुविधा दी जा रही है। इसे तकनीकी रूप से और बेहतर किया गया है।
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