मुजफ्फरपुर में जीविका दीदियों का हंगामा, करोड़ों के ऋण घोटाले पर कंपनी निदेशक का घेराव
मुजफ्फरपुर में सैकड़ों जीविका दीदियों ने कथित ठगी के खिलाफ समाहरणालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी पर उनके नाम पर 3.5 क ...और पढ़ें

समाहरणालय में हंगामा करतीं जीविका दीदियां। फोटो: जागरण
HighLights
जीविका दीदियों ने मुजफ्फरपुर समाहरणालय में प्रदर्शन किया।
मशरूम उत्पादन योजना में 3.5 करोड़ के ऋण का आरोप।
कंपनी निदेशक ने एक सप्ताह में काम शुरू करने का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Jeevika Didi Protest: कथित ठगी की शिकार मुशहरी और बोचहां की सैकड़ों जीविका दीदियों ने गुरुवार को समाहरणालय पहुंचकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। दीदियों ने एजेंसी पर कार्रवाई करने और उनके नाम पर लिए गए ऋण को चुकता कराने की मांग की।
जीविका दीदियां ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी के निदेशक आशुतोष मंगलम को बाहर बुलाने की मांग कर रही थीं। समाहरणालय में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें समझाकर शांत कराया और इसके बाद सभी को बैठक के लिए समाहरणालय सभागार में बुलाया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा, जीविका डीपीएम अनीशा गांगुली और कंपनी निदेशक आशुतोष मंगलम मौजूद थे। यहां भी दीदियों ने निदेशक पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
अधिकारियों ने किसी तरह महिलाओं को शांत कराया। इसके बाद उप विकास आयुक्त ने बारी-बारी से जीविका दीदियों की समस्याएं सुनीं और कंपनी निदेशक से जवाब मांगा।
बातचीत के बाद कंपनी निदेशक ने एक सप्ताह के भीतर काम शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद डीडीसी ने स्पष्ट किया कि तय समय में काम शुरू नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई है। कंपनी की ओर से एक सप्ताह में काम शुरू करने की बात कही गई है और इससे संबंधित कार्ययोजना बैंक को भी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि अगर तय समय में काम शुरू नहीं किया गया तो कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बोचहां की गीता देवी और मुशहरी की किरण देवी, मुन्नी देवी, माला देवी व काजल देवी ने बताया कि विभिन्न गांवों की महिलाओं को इस योजना से जोड़ा गया था। वर्ष 2023 में जीविका के सहयोग से मशरूम उत्पादन के लिए स्मार्ट हट का निर्माण कराया गया था।
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महिलाओं का आरोप है कि इसी दौरान सैकड़ों महिलाओं के नाम पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर उसकी निकासी कर ली गई। उनका कहना है कि ऋण की राशि का एक भी रुपया उन्हें नहीं मिला।
महिलाओं के अनुसार, मामले की जानकारी तब हुई जब बैंक की ओर से ऋण चुकाने के लिए उन्हें नोटिस भेजा गया। नोटिस मिलने के बाद उन्हें पता चला कि उनके नाम पर ऋण लिया गया है।
इस मामले में ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी की संचालक शिवांगी कुमारी और निदेशक आशुतोष मंगलम के विरुद्ध घोटाले के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब जीविका दीदियां मामले में कार्रवाई और अपने नाम पर लिए गए ऋण से राहत की मांग कर रही हैं।
मामला को सुलझाने के लिए कमेटी बनाई गई है। हम खुद अपने स्तर से इसे देख रहे हैं। सभी पक्ष को बैठाकर एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है कि आगे कैसे काम करना है?
कुमार गौरव, जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर