विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर के 2015 और 2020 सांप्रदायिक कांड में पुलिस नहीं दे पाई सबूत, आरोपियों को मिल सकती है राहत

Published: Fri, 26 Jun 2026 08:02 AM (IST)

मुजफ्फरपुर पुलिस पियर थाना क्षेत्र में 2020 के एक सांप्रदायिक मामले में पाकिस्तान का झंडा लगाकर हिंदू विरोधी नारे लगाने के प्रसारित वीडियो का साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सकी।

AI Generated Image

AI Generated Image

HighLights

  1. पियर में पाकिस्तान झंडा मामले में साक्ष्य नहीं मिला।

  2. पुलिस 2020 के प्रसारित वीडियो को नहीं ढूंढ पाई।

  3. साक्ष्य के अभाव में आरोपितों को मिल सकता है लाभ।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सांप्रदायिक कांडों से जुड़ी दो घटनाओं को पुलिस महत्वपूर्ण साक्ष्य नहीं उपलब्ध करा सकी। दरअसल, मामला पियर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2020 में एक आरोपित ने पाकिस्तान का झंडा लगाकर हिंदू विरोधी नारेबाजी की थी।

इस मामले में पियर थाने में केस किया गया था। प्राथमिकी में नसीम व कलाम अंसारी को आरोपित बनाया गया। सांप्रदायिक मामलों में अभियोजन चलाने के लिए गृह विभाग की स्वीकृति आवश्यक है।

गृह विभाग की ओर से जिले के सात कांडों को सूचीबद्ध कर महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध कराने को लेकर करीब चार बार रिमाइंडर भेजा गया। अब एसएसपी ने केस से संबंधित रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। डीएम इसे गृह विभाग को भेजेंगे। इसमें दो महत्वपूर्ण कांड ऐसे हैं, जिसमें पुलिस को साक्ष्य नहीं मिल सके।

पियर की घटना में गृह विभाग ने प्रसारित वीडियो मांगा था। एसएसपी ने रिपोर्ट देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को इससे अवगत कराते हुए साक्ष्य सौंपने को कहा गया था। उन्होंने बताया कि केस के पूर्व जांच पदाधिकारी द्वारा प्रसारित वीडियो प्राप्त करने का बहुत प्रयास किया गया, लेकिन घटना को काफी दिन बीतने के कारण नहीं मिल सका।

वहीं, सिकंदरपुर में वर्ष 2015 में सांप्रदायिक मामले में प्राथमिकी में इलेक्ट्रानिक संदेश का साक्ष्य मांगा गया था। इसमें एसएसपी की ओर से बताया गया कि इस कांड के अनुसंधान के बाद अंतिम प्रतिवेदन साक्ष्य की कमी बता समर्पित कर दिया गया।

साक्ष्य के अभाव में आरोपितों मिल सकता लाभ

महत्वपूर्ण साक्ष्य का अभाव होने से आरोपितों को लाभ मिलने की संभावना है। अब बिना साक्ष्य के अभियोजन स्वीकृति मिलने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि अन्य पांच कांडों में एसएसपी की ओर से मांगी गए अभिलेख की कापी भेजी गई है।

इसमें मोतीपुर थाना, सदर थाना, सकरा थाना, सरैया व पारू थाना में सांप्रदायिक कांड दर्ज किए गए थे। कांड से संबंधित प्रसारित वीडियो, केस दैनिकी और प्रतिवेदन-टू समेत अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं।

यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर नगर निगम के आधे से अधिक स्टाल किरायेदार अवैध, कागजात न दिखाने वाले 350 दुकानदारों पर गिरेगी गाज

यह भी पढ़ें- ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप: आवास बोर्ड को जमीन बेचने पर भूस्वामियों को स्टांप और रजिस्ट्री शुल्क में मिलेगी छूट

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।