विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर नगर निगम के आधे से अधिक स्टाल किरायेदार अवैध, कागजात न दिखाने वाले 350 दुकानदारों पर गिरेगी गाज

Published: Fri, 26 Jun 2026 07:44 AM (IST)

मुजफ्फरपुर नगर निगम के आधे से अधिक स्टाल किरायेदार अवैध पाए गए हैं, जिनमें से 350 ने वैध कागजात जमा ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. 350 स्टाल किरायेदारों ने वैध कागजात जमा नहीं किए।

  2. नगर निगम अवैध किरायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में।

  3. नए मानकों के तहत स्टाल नवीकरण और किराया वृद्धि होगी।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। नगर निगम के आधे से अधिक स्टाल किरायेदार अवैध हैं। उनके पास स्टाल आवंटन से संबंधित कोई कागजात नहीं है। नगर निगम के बार-बार मांगे जाने के बाद भी 836 में 350 किरायेदारों ने आवंटन से संबंधित को भी वैध कागजात जमा नहीं कर सके हैं।

बताया जा रहा है कि नगर निगम से स्टाल आवंटित करा मूल आवंटियों ने या तो निगम के स्टाल को किराये पर लगा दिया है या बेच दिया है। नगर निगम अब ऐसे किरायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

बताते चलें कि 28 अगस्त 2025 को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में स्टाल किरायेदारों के लिए नया मानक तय किया गया था। सभी स्टाल किरायेदारों को नए मानक के अनुसार एग्रीमेंट का नवीकरण कराने के लिए बकाया किराया जमा करने के साथ आवंटन से संबंधित मूल कागजात जमा करने को कहा गया था।

तय मानक के अनुसार नगर निगम वैद्य किरायेदारों के साथ 10 साल के लिए एग्रीमेंट करेगा। फिलहाल किराया में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं होगी, लेकिन हर तीन साल पर अब किराये में 15 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। जिन लोगों ने नगर निगम से स्टाल आवंटित करा किराये पर लगा दिया या बेच दिया उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नए मानक के अनुसार अब स्टाल किरायेदारों को नवीकरण कराते समय जमानत राशि जमा करनी होगी जो दुकान खाली करने पर वापस की जाएगी। यही नहीं अब किराये का डिजिटल भुगतान करना होगा। इसके अनुसार हर माह किरायेदार के खाते से राशि तय समय पर कट जाएगी।

इसका निर्णय बोर्ड की बैठक में लिया गया था। यह भी तय हुआ था कि नवीकरण के समय ही किरायेदारों को इसका शपथ पत्र देना होगा कि यदि उनके द्वारा मानक के विपरीत काम किया गया तो निगम कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा।

नए मानक के अनुसार तय जमानत राशि

स्टाल का क्षेत्रफल एक से 50 वर्ग फीट होने पर 15 हजार, 51 से 100 वर्ग फीट होने पर 20 हजार, 101 से 150 वर्ग फीट होने पर 30 हजार, 151 से 200 फीट होने पर 50 हजार एवं दुकान का क्षेत्रफल दो सौ वर्ग फीट से अधिक होने पर सुरक्षा राशि एक लाख रुपये होगी। ये पक्की दुकानों के लिए है। कच्ची दुकानों के लिए जमानत राशि 10 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

यह भी पढ़ें- बिहार में कोयला गैसीकरण से खुलेगा रोजगार का नया द्वार, ₹12000 करोड़ तक निवेश की संभावना

यह भी पढ़ें- रोशनाबाद-बिहारीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे: हरिद्वार में यातायात और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

सभी स्टाल किरायेदारों की निगम के साथ हुए एग्रीमेंट की समय सीमा समाप्त हो चुका है। इसलिए नवीकरण के लिए नया मानक तय किया गया है जो पूरी तरह से पारदर्शी होगा। जिनके पास वैध कागजात होगा उनके साथ एग्रीमेंट किया जाएगा, लेकिन जो आवंटन का वैध कागजात उपलब्ध नहीं कराएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-

अमीत कुमार, उप नगर आयुक्त

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।