सीतामढ़ी व शिवहर के शूटराें ने मुजफ्फरपुर में प्रापर्टी डीलर को मारी थी गोली
मुजफ्फरपुर में प्रापर्टी डीलर प्रभाकर सिंह हत्याकांड में पुलिस ने दो शूटरों समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह हत्या जमीन विवाद और 30 लाख रुपये ...और पढ़ें

HighLights
प्रापर्टी डीलर प्रभाकर सिंह हत्याकांड में दो आरोपित गिरफ्तार।
जमीन विवाद और पैसों के लेनदेन में हुई हत्या।
साढ़े तीन लाख में हुई थी हत्या की सुपारी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । अहियापुर में 30 मार्च को प्रापर्टी डीलर प्रभाकर कुमार सिंह की हत्या मामले में पुलिस ने दो शूटर समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
ये शिवहर जिले के श्यामपुर भटहां थाने के गोसाईपुर निवासी शूटर सत्यम कुमार व अहियापुर थाने के कोलहुआ पैगंबरपुर के डब्ल्यू पासवान है। डब्ल्यू जेल में बंद तुलसी राय का चालक है।
मृत प्रापर्टी डीलर की पत्नी पिंकी देवी ने अहियापुर थाने में प्राथमिकी कराई थी। इसमें अहियापुर के शेखपुर के तुलसी राय व कटरा थाने के बखरी गांव के उदय पटेल को नामजद कर दो शूटरों को आरोपित किया था। पुलिस ने घटना के दूसरे दिन तुलसी व उदय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोनों वर्तमान में जेल में है।
प्राथमिकी में कहा गया था कि शेखपुर निवासी तुलसी राय ने दो वर्ष पूर्व जमीन के एग्रीमेंट के नाम पर पति प्रभाकर कुमार से 30 लाख रुपये लिए थे। तुलसी राय जमीन की रजिस्ट्री करने से मुकरने लगा तो प्रभाकर ने पैसे वापस मांगे। उसका दिया चेक बाउंस हो गया।
रकम चुकाने की अंतिम समय सीमा 31 मार्च थी। इसके एक दिन पूर्व कारोबारी की हत्या कर दी गई। शूटर सत्यम व तुलसी के चालक डब्ल्यू ने पुलिस को बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने के लिए तुलसी राय व उदय पटेल ने सीतामढ़ी के बेलसंड थाने के मधुकौल निवासी मणिशंकर सिंह उर्फ मणि से संपर्क किया।
मणिशंकर ने 3.5 लाख रुपये में सुपारी की डील की। मणिशंकर ने ही शिवहर के शूटर सत्यम कुमार को केवल बाइक चलाने के एवज में 50 हजार रुपये देने का लालच देकर गिरोह में शामिल किया।
पुलिस की नजर से बचने के लिए मणिशंकर के कहने पर सभी इंस्टाग्राम एप व उसकी कालिंग के जरिए ही आपस में बात करते थे। 27 मार्च को मणिशंकर ने इंस्टाग्राम काल कर सत्यम को जीरोमाइल बुलाया।
वहां तुलसी का निजी ड्राइवर डब्ल्यू पासवान ने सत्यम को रिसीव कर तुलसी राय के होटल द ट्री ले गया। होटल में पहले से मौजूद सरगना तुलसी व उदय ने सत्यम को काम पक्का करने के लिए 25 हजार एडवांस दिए। 28 मार्च को सत्यम को प्रभाकर सिंह के घर आने-जाने का रास्ता, जीरोमाइल की मोबिल की दुकान व बाइक की पहचान कराई।