मुजफ्फरपुर जंक्शन पर आरपीएफ दारोगा की बदसलूकी का फुटेज वायरल, जांच शुरू
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर आरपीएफ के एक दारोगा द्वारा स्टाल संचालक से कथित गाली-गलौज और धमकी का वीडियो वायरल हुआ है। समस्तीपुर मंडल के निर्देश पर आरपीएफ और ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर जंक्शन पर वायरल वीडियो फुटेज।
HighLights
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर आरपीएफ दारोगा ने स्टाल संचालक को धमकाया।
बदसलूकी का वीडियो वायरल होने पर आरपीएफ में हड़कंप।
समस्तीपुर मंडल के सीनियर कमांडेंट ने जांच के आदेश दिए।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । जंक्शन पर लाइसेंसी स्टाल संचालक के साथ आरपीएफ के एक सब-इंस्पेक्टर (एसआइ) की ओर से कथित गाली-गलौज और धमकाने का मामला तूल पकड़ लिया है।
घटना का वीडियो इंटरनेट-मीडिया पर प्रसारित होने के बाद आरपीएफ महकमे में हड़कंप मच गया है। वीडियो को अब तक 50 हजार से अधिक लोग देख चुके हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए समस्तीपुर मंडल के सीनियर कमांडेंट आशीष कुमार के निर्देश पर मुजफ्फरपुर आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी है।
सोमवार को आरपीएफ टीम ने पीड़ित स्टाल संचालक सहित घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। शुरुआती जांच में वीडियो में दिख रहे दारोगा की पहचान शेखर सुमन के रूप में हुई है।
वह पहले मुजफ्फरपुर आरपीएफ पोस्ट पर तैनात थे, लेकिन कार्यशैली को लेकर शिकायतों के बाद उन्हें नरकटियागंज आरपीएफ पोस्ट से अटैच कर दिया गया है। अब वे वहीं ड्यूटी करते हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर में अपना घर है, इसलिए अभी वे छुट्टी में घर आए थे।
घटना के समय उनके नशे की हालत में होने की बात भी सामने आ रही है, जिसकी जांच की जा रही है। प्लेटफार्म एक पर जिस स्टाल संचालक को धमकियां दी गई वहां का और पार्सल के पास लगे सीसी कैमरे को खंगाला जा रहा है, ताकि उसकी करतूत पर कार्रवाई की जा सके।
स्टाल संचालक सिंटू साह ने आरपीएफ को दिए बयान में कहा है कि एसआइ सिविल ड्रेस में अचानक आ धमके और आग लगा देने, बर्बाद कर देने की धमकी देने लगे।
इस पर अन्य स्टाल वेंडर्स भी जुट गए। उनको प्लेटफार्म से बाहर ले जाया गया। उसके बाद भी वे धमकाना नहीं छोड़े। देखते ही देखते विवाद बढ़। वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर हटा दिया। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया।
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे के कमर्शियल विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। आरपीएफ इंस्पेक्टर मनीष कुमार और डीसीआई राजेश रंजन ने भी संयुक्त रूप से पूरे प्रकरण की जांच की है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, आरोपित एसआई ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और ऐसी किसी घटना से इन्कार किया है।