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    मुजफ्फरपुर में AI से 24 घंटे होती शहर की निगरानी, मगर रास्ते में ही दम तोड़ गई योजना

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:00 AM (IST)

    मुजफ्फरपुर में शहर की समस्याओं के समाधान के लिए पिछले साल घोषित एआई आधारित निगरानी योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। पूर्व नगर आयुक्त विक्रम विरकर द्वार ...और पढ़ें

    इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. मुजफ्फरपुर में एआई आधारित निगरानी योजना ठंडे बस्ते में।

    2. पूर्व नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने तैयार की थी योजना।

    3. योजना से सड़क, स्वच्छता, यातायात की स्मार्ट निगरानी होती।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । शहर की समस्याओं का समाधान पहले से अधिक तेजी से पारदर्शी और प्रभावी तरीके से हो इसके लिए स्मार्ट सिटी मुजफ्फरपुर में एआइ आधारित निगरानी व्यवस्था शुरू करने की योजना बीते वर्ष बनाई गई।

    तत्कालीन नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने विशेषज्ञों की राय से यह योजना तैयार की थी। यह व्यवस्था डैशकैम और मोबाइल आधारित विजुअल डेटा के माध्यम से शहर की समस्याओं को पहचानकर रीयल-टाइम में नगर निगम एवं संबंधित विभाग को अवगत कराएगा।

    इसकी मदद से सड़क पर बने गड्ढे, जलजमाव, टूटी स्ट्रीट लाइट और खराब ट्रैफिक सिग्नल, कूड़ा-करकट व डस्टबिन की स्थिति, अवैध स्टाल, अवैध पार्किंग, होडिंग, फुटपाथ, सड़क पर पशुओं की मौजूदगी की हर समय नगर निगम को जानकारी मिलेगी।

    यह भी बताया गया था कि मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड शहर में एआइ आधारित म्युनिसिपल एवं ट्रैफिक मोनेटरिंग सिस्टम लागू करने जा रही है ताकि इससे सड़क अवसंरचना, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, वेडिंग जोन और पार्किंग सिस्टम की 24 घंटे स्मार्ट निगरानी की जा सके। लेकिन शहरवासियों को उम्मीद जगाकर यह योजना रास्ते से गायब हो गई।

    • बीते साल दिसंबर में एआइ आधारित निगरानी व्यवस्था शुरु करने की हुई थी घोषणा, तत्कालीन नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने विशेषज्ञों की मदद से की थी तैयार
    • डैशकैम और मोबाइल आधारित विजुअल डेटा के माध्यम से समस्याओं को पहचान रीयल-टाइम में नगर निगम एवं विभागों को कराना था अवगत
    • योजना लागू होने पर मिलती सड़क पर बने गड्ढे, जलजमाव, टूटी स्ट्रीट लाइट और खराब ट्रैफिक सिग्नल, कूड़ा-करकट व डस्टबिन की स्थिति, अवैध स्टाल, अवैध पार्किंग, होडिंग, फुटपाथ, सड़क पर पशुओं की मौजूदगी की जानकारी

    योजना लागू होता तो शहरवासियों को मिलता यह लाभ 

    •  शहर की समस्याएं एआइ द्वारा स्वतः चिन्हित की जाती
    • हर इवेंट जीपीएस लोकेशन के साथ सीधे डैशबोर्ड पर पहुंचता
    • विभागों को रीयल-टाइम अलर्ट से समाधान की गति होती तेज
    • अवैध स्टाल की पहचान स्वचालित रूप से होती
    • तय वेंडिंग जोन के बाहर दुकान लगाने पर तुरंत अलर्ट
    • फुटपाथों की बाधा कम होती, पैदल चलने वालों की सुरक्षा बढ़ती एवं सड़कों की भीड़- भाड़ कम होती
    • बस स्टाप, नो-पार्किंग जोन और व्यस्त चौराहों पर अवैध पार्किंग की हाेती तुरंत पहचान।
    • आटो एवं अन्य मोटर वाहनों को गलत तरीके से पार्क करने से वाले जाम का पता चलता।
    • शहर में सुव्यवस्थित आटो पार्किग स्थल विकसित करने में मदद मलती
    • ट्रैफिक पुलिस की कार्यकुशलता कई गुना बढ़ जाती
    • यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की होती तत्काल पहचान
    • बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाना, गलत दिशा में वाहन, मोबाइल पर बात करना, बस स्टाप पर गलत पार्किंग, ट्रिपल राइडिंग की पहचान कर होती कार्रवाई।
    • दुर्घटनाओं में आती कमी, नियमों का होता बेहतर अनुपालन, अनुशासित ट्रैफिक संस्कृति का होता निर्माण

    लागू होने पर कैसे काम करेगा एआइ सिस्टम

    • एआइ डैशकैम से निरंतर डेटा का संग्रह
    • एक ही वीडियो में कई समस्याओं की स्वचालित टैगिंग
    • रीयल-टाइम अलर्ट और डैशबोर्ड मानिटरिंग
    • क्षेत्रवार हीटमैप और विश्लेषण

    पूर्व नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने यह योजना बनाई थी। उन्होंने बेहतर पहल की थी। उनके तबादले के बाद इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस संबंध में अधिकारियों से बात करुंगी। यह परियोजना मुजफ्फरपुर को स्मार्ट, सुरक्षित, स्वच्छ, अनुशासित और तकनीक रूप से सक्षम शहर के रूप में उभारने में मददगार साबित हो सकता है। - निर्मला देवी, महापौर