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    मुजफ्फरपुर के लाल को नौसेना में बड़ी जिम्मेदारी, INA के कमांडेंट बने वाइस एडमिरल आलोक आनंद

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 06:12 PM (IST)

    वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के 13वें कमांडेंट का पदभार संभाला है। मुजफ्फरपुर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले आलोक आनं ...और पढ़ें

    पदभार ग्रहण करते वाइस एडमिरल आलोक आनंद। सौ. नौसेना

    पदभार ग्रहण करते वाइस एडमिरल आलोक आनंद। सौ. नौसेना

    HighLights

    1. वाइस एडमिरल आलोक आनंद बने आइएनए के 13वें कमांडेंट।

    2. मुजफ्फरपुर में हुई प्रारंभिक शिक्षा, 36 वर्ष का सेवाकाल।

    3. ऑपरेशन राहत के लिए युद्ध सेवा पदक से सम्मानित।

    प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। जिले के भगवानपुर स्थित आइजी कॉलोनी निवासी वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने भारतीय नौसेना अकादमी (INA), एझिमाला के 13वें कमांडेंट के रूप में शनिवार को कार्यभार ग्रहण किया। केरल के कन्नूर जिले में स्थित आइएनए में कैडेट को प्रारंभिक अधिकारी प्रशिक्षण दिया जाता है।

    वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर में प्राप्त की थी। इसके बाद भारतीय नौसेना अकादमी में प्रवेश लिया था। अपने 36 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। भारत के अत्याधुनिक युद्धपोतों की कमान संभाली।

    वर्ष 2015 में हुए ऑपरेशन राहत के सफल नेतृत्व के लिए उन्हें युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। भारतीय नौसेना अकादमी के कमांडेंट का पदभार ग्रहण करने से पूर्व वे पूर्वी बेड़ा के फ्लैग आफिसर कमांडिंग के रूप में कार्यरत थे।

    साधारण परिवार से नाता 

    मूल रूप से समस्तीपुर के बथुआ निवासी वाइस एडमिरल आलोक आनंद के पिता राम स्वरूप शर्मा पशुपालन विभाग में कार्यरत थे। मां आशा शर्मा गृहणीं थीं। पिता का वर्ष 2016 में निधन हो गया।

    आइएनए की कमान संभालने के बाद मां आशा शर्मा ने खुशी जताते हुए कहा कि आलोक बचपन से मेधावी रहा। प्रारंभिक स्कूल में उसकी मेधा से शिक्षक ही परेशान हो जाते थे। इसलिए कई स्कूल बदले।

    ज्ञान लोक के बाद विद्या बिहार स्कूल में उसकी पढ़ाई हुई। इसके बाद एलएस कालेज में अध्ययन किया। एनडीए से वह नौसैना में शामिल हुआ। आज इस पद पर पहुंच कर मुजफ्फरपुर के साथ बिहार को गौरवान्वित किया।

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