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    नेपाल में मुस्लिम आरक्षण खत्म करने के लिए जारी अनशन को पूर्व उपप्रधानमंत्री समेत कई का समर्थन

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 07:21 PM (IST)

    Vinay Yadav Hunger Strike: कप्तानगंज हिंसा के विरोध में काठमांडू में विनय यादव का आमरण अनशन तेज हो गया है। पूर्व उपप्रधानमंत्री राजेंद्र महतो सहित कई ...और पढ़ें

    राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव द्वारा माइतीघर मंडला में जारी आमरण अनशन। फोटो: इंटरनेट मीडिया

    राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव द्वारा माइतीघर मंडला में जारी आमरण अनशन। फोटो: इंटरनेट मीडिया

    HighLights

    1. विनय यादव का आमरण अनशन काठमांडू में जारी।

    2. पूर्व उपप्रधानमंत्री राजेंद्र महतो ने अनशन को समर्थन दिया।

    3. हिंसा पीड़ितों को न्याय, दोषियों पर कार्रवाई की मांग।

    अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Nepal Muslim Reservation Protest: नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका के वार्ड नंबर तीन कप्तानगंज गांव में हुई हिंसा के विरोध में काठमांडू में जारी आंदोलन अब और तीव्र हो गया है।

    राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव द्वारा माइतीघर मंडला में जारी आमरण अनशन को नेपाल की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों का समर्थन मिलने लगा है।

    अनशन के पांचवें दिन देश के विभिन्न प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने अनशन स्थल पहुंचकर खुले तौर पर एकजुटता जताई।

    दिग्गज पहुंचे अनशन स्थल

    अनशन को समर्थन देने वालों में नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री राजेन्द्र महतो और पूर्व मंत्री राजकिशोर यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।

    इनके अलावा पूर्व मंत्री महेन्द्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री सतीश सिंह, पूर्व सांसद रामकुमार शर्मा, जनमत पार्टी के महासचिव चंदन सिंह और डॉ. शरद सिंह यादव भी पहुंचे।

    नेताओं ने अनशनकारी विनय यादव से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया और सरकार से अविलंब वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की।

    पीड़ितों को न्याय की मांग

    अनशन स्थल पर पहुंचे नेताओं ने कहा कि देवानगंज की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
    उन्होंने सरकार से मांग की कि हिंसा में मारे गए लोगों को अविलंब शहीद घोषित किया जाए और घायलों का मुफ्त व समुचित इलाज कराया जाए।

    इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग दोहराई गई।

    आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण अनशन को गंभीरता से लेते हुए सरकार को आंदोलनकारी पक्ष से तुरंत औपचारिक बातचीत शुरू करनी चाहिए।

    वहीं अनशन स्थल पर जुट रहे व्यापक राजनीतिक समर्थन को राष्ट्रीय एकता दल ने अपने आंदोलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है।

    पार्टी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द कोई ठोस पहल नहीं की तो इस आंदोलन को पूरे नेपाल में फैलाया जाएगा।