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    पटना–बेतिया फोरलेन से जुड़ेगा पारू औद्योगिक क्षेत्र, मोतीपुर समेत पश्चिमी मुजफ्फरपुर को फायदा

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 11:27 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र को पटना-बेतिया फोरलेन से जोड़ा जाएगा, जिससे आवागमन सुगम होगा। डीएम कुमार गौरव ने स् ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। फोटो-AI

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। फोटो-AI

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । जिले में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी गई है।

    पारू में सात सौ एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इस पूरे क्षेत्र को निर्माणाधीन पटना-बेतिया फोरलेन से जोड़ा जाएगा, ताकि आवागमन सुलभ हो सके। इसे लेकर डीएम कुमार गौरव ने शनिवार को पारू और मोतीपुर में क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

    उन्होंने कहा कि एनएच से कनेक्टिविटी होने से बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होगी। उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति तथा तैयार उत्पादों की ढुलाई अधिक तेज और सुगम तरीके से हो सकेगी। इससे निवेशकों और उद्योगपतियों को बेहतर लाजिस्टिक सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।

    औद्योगिक क्षेत्र के लिए फोरलेन सड़क से कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाने पर न केवल उद्योगों के संचालन में सहूलियत होगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

    बेहतर संपर्क मार्ग के कारण परिवहन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादों को राज्य एवं देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाना अधिक आसान होगा। उन्होंने प्रस्तावित परियोजना से संबंधित नक्शा का भी अवलोकन किया। अंचल कार्यालय में बैठक कर अधिकारियों से अपडेट लिया।

    पांच मौजा में होगा अधिग्रहण

    पारू में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल पांच मौजों में लगभग सात सौ एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा। इसमें चांदपुर चिउटारा मौजा में 250 एकड़, चतुरपट्टी मौजा में 150 एकड़, भोजपट्टी मौजा में 95 एकड़, हरपुर कपरफोरा मौजा में 120 एकड़ तथा विशुनपुर सरैया मौजा में लगभग 85 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। डीएम ने शीघ्र मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। इसमें पारदर्शिता बरतने पर उन्होंने जोर दिया।

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    सभी मौजों में भूमि की उपलब्धता, सीमांकन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का परीक्षण करते हुए भू-अर्जन की कार्रवाई नियमानुसार पूरा कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

    उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से जिले की आर्थिक संरचना को मजबूती मिलेगी तथा आसपास के क्षेत्रों में सहायक व्यवसायों, परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा छोटे व्यवसायों को भी लाभ प्राप्त होगा।

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