पश्चिम चंपारण में किसान रजिस्ट्री ने पकड़ी रफ्तार, 74.69 प्रतिशत की बनी फार्मर आईडी
Farmer ID Registration: पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडल में किसान रजिस्ट्री अभियान में तेजी आई है, जहाँ अब तक 74.69% किसानों की यूनिक फार्मर आईडी ...और पढ़ें

किसानों की सुविधा को देखते हुए यह प्रक्रिया अब भी जारी रखी गई है। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। West Champaran Farmer Registry: कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों तक सुचारु रूप से पहुंचाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान में तेजी आई है।
विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार नरकटियागंज अनुमंडल क्षेत्र में अब तक करीब 74.69 प्रतिशत किसानों की यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है।
विभाग ने शेष किसानों से भी जल्द रजिस्ट्री कराने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी न हो।
सिकटा सबसे आगे, मैंनाटांड सबसे पीछे
प्रखंडवार प्रगति की बात करें तो सिकटा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 81.48 प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी तैयार कर ली है। इसके बाद गौनाहा 77.38 प्रतिशत के साथ दूसरे और लौरिया 76.61 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
वहीं नरकटियागंज में 75.44 प्रतिशत किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। सबसे कम प्रगति मैंनाटांड प्रखंड में दर्ज की गई है, जहां अब तक 63.77 प्रतिशत किसानों की ही फार्मर आईडी बन सकी है।
विशेष अभियान के बाद भी रजिस्ट्री
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (एसएओ) संतोष कुमार ने बताया कि विभागीय निर्देश के तहत 30 जून तक विशेष कैंप मोड में फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया गया था।
हालांकि किसानों की सुविधा को देखते हुए यह प्रक्रिया अब भी जारी रखी गई है, ताकि कोई भी पात्र किसान रजिस्ट्री से वंचित न रहे।
84 हजार से अधिक लाभुकों को फायदा
एसएओ ने बताया कि अनुमंडल के सभी प्रखंडों को मिलाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 84,031 लाभार्थी हैं। इनमें से अब तक 27,788 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। विभाग लगातार शेष किसानों का पंजीकरण कराने में जुटा है।
जल्द रजिस्ट्री कराने की अपील
कृषि विभाग ने क्षेत्र के सभी शेष किसानों से जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी तकनीकी बाधा के प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक है। समय रहते पंजीकरण कराने से भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा।
फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और तेज तरीके से किसानों तक पहुंचेगा। जानिए इसके प्रमुख फायदे।
1. योजनाओं का लाभ सीधे खाते में : फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद किसान की पहचान और भूमि का रिकॉर्ड पहले से सत्यापित रहेगा। इससे पीएम किसान, इनपुट सब्सिडी समेत अन्य योजनाओं की राशि बिना देरी और बिचौलियों के सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगी।
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2. किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि ऋण होगा आसान: डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर बैंक किसान की पात्रता और भूमि का विवरण आसानी से सत्यापित कर सकेंगे। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और केसीसी व कृषि ऋण जल्दी स्वीकृत होने की संभावना बढ़ेगी।
3. एमएसपी पर फसल बेचने में मिलेगी सहूलियत: फार्मर रजिस्ट्री से किसान और उसकी भूमि का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे पैक्स के माध्यम से धान-गेहूं जैसी फसलों की सरकारी खरीद अधिक पारदर्शी होगी और किसानों को एमएसपी का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
4. आपदा के समय मुआवजा मिलेगा जल्दी: बाढ़, सुखाड़ या ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं में डिजिटल रिकॉर्ड और जियो-टैगिंग के आधार पर प्रभावित किसानों की पहचान तेजी से होगी। इससे मुआवजा राशि सीधे बैंक खाते में भेजने की प्रक्रिया तेज होगी।
5. खाद, बीज और सब्सिडी का होगा बेहतर वितरण: फार्मर रजिस्ट्री को खाद-बीज वितरण प्रणाली से जोड़ने पर किसानों को उनकी जरूरत और भूमि के रकबे के अनुसार रियायती दरों पर खाद, बीज और अन्य कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने में आसानी होगी।