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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    RJD Conflict: बिहार राजद नेताओं में लोकसभा चुनाव से पहले ठनी रार, आधा दर्जन प्रकोष्ठ व प्रदेश के कई नेता गोलबंद

    By Amrendra TiwariEdited By: Prateek Jain
    Updated: Fri, 27 Oct 2023 09:34 PM (IST)

    Bihar RJD Conflict लोकसभा चुनाव से कुछ माह पहले राजद के नेताओं में रार ठन गई है। पार्टी के दर्जनों नेताओं ने जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता को हटाने की मुहिम ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर में बैठक करते राजद नेता। फोटो- जागरण
    मुजफ्फरपुर में बैठक करते राजद नेता। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. जिलाध्यक्ष हटाओ, राजद बचाओ का अभियान शुरू
    2. राजद के शीर्ष नेतृत्व को दी चेतावनी
    3. 'नहीं किया गया बदलाव तो चुनाव में मिलेगा इसका जवाब'

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। लोकसभा चुनाव से कुछ माह पहले राजद के नेताओं में रार ठन गई है। पार्टी के दर्जनों नेताओं ने जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता को हटाने की मुहिम छेड़ दी है।

    शुक्रवार को प्रदेश महासचिव जयशंकर प्रसाद यादव के नेतृत्व में पार्टी के आधा दर्जन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष हटाओ, राजद बचाओ अभियान का आगाज किया।

    पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष संगठन नहीं दुकान चला रहे हैं। अब तक बूथ कमेटी का गठन नहीं किया गया। अपने मन से बीस सूत्री में नाम भेज दिया गया। राजद के लिए खून-पसीना बहाने वाले को कहीं जगह नहीं मिल रही है।

    राज्य परिषद सदस्य बोचहां के हरिवंश राय ने चेतावनी दी कि उन्‍होंने राज्य नेतृत्व से मिलकर अपनी बात रख दी है। अगर जिलाध्यक्ष नहीं बदले तो लोकसभा व विधानसभा में जि‍स भी पार्टी का जो भी प्रत्याशी आएगा वह यहां से हारकर जाएगा।

    उन्‍होंने कहा,

    पहले भी इस तरह के निर्णय के विरुद्ध अभियान चला है। प्रदेश महासचिव जयशंकर यादव ने कहा कि बीस सूत्री कमेटी में उन नामों का चयन किया गया, जो राजद प्रत्याशी के विरुद्ध पिछले चुनाव में काम किए।

    उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव कहते हैं कि बूथ जीतो, उनके उलट राजद के जिलाध्यक्ष खुद अपने बूथ पर महागठबंधन के प्रत्याशी को वोट नहीं दिला पाए। इसलिए इस पर विचार करना होगा। वह पार्टी को रसातल में ले जा रहे हैं।

    बोले जिलाध्यक्ष, प्रदेश नेतृत्व ने तय किया नाम

    जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा कि उनकी सांगठनिक क्षमता को देखते हुए दोबारा जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बीस सूत्री कमेटी का नाम राज्य नेतृत्व ने तय किया। बूथ कमेटी के गठन की प्रक्रिया 90 प्रतिशत पूरी हो गई है, जिन्हें राजद की नीति और उसके सिद्धांत से कोई मतलब नहीं वे आरोप लगा रहे हैं, उनपर लगा आरोप गलत है।

    यह लगाया आरोप

    • कमेटी गठन में समर्पित कार्यकर्ताओं एवं प्रदेश पदाधिकारी का उपेक्षा
    • कार्यक्रम की सूचना समय पर नहीं दी जाती। 20 सूत्री के गठन में नाम भेजने में समर्पित कार्यकर्ताओं को किया गया दरकिनार
    • जिला कार्य समिति की एक भी बैठक अभी तक नहीं बुलाई गई। बूथ कमेटी का नहीं किया गठन

    बैठक में यह रहे शामिल

    बैठक में रामचंद्र राय, रामसेवक राय, राजेश्वर राय, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अरविंद सहनी, दलित प्रकोष्ठ के जगदेव पासवान, शिक्षक प्रकोष्ठ के हरिवंश प्रसाद यादव, सैनिक प्रकोष्ठ के रामनरेश राय ,पूर्व दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अजय राम, लालू विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचन्द्र राय, जिला महासचिव लखिन्दर राय ,ज्वाला राय किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मो. इनायत, अनिल यादव, अभिनव राज, शशि भूषण कुमार, रामाधार राय, जोगिंदर राय, राजदेव राय, राम अमीर राय, संजय कुमार आदि मौजूद थे।

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