सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार के मॉडल स्कूलों के लिए सेट किया टारगेट, उससे कम मंजूर नहीं
Bihar Education Model School: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बड़ा विजन प्रस्तुत किया है, जिसमें हर प्रखंड में ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फोटो: जागरण

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर (मोतीपुर)। Bihar Model School: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा विजन सामने रखा है।
मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के स्तर को उस ऊंचाई पर ले जाना चाहती है जहां लोग सरकारी स्कूलों में एडमिशन के लिए सिफारिशें लगाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब बड़े अधिकारियों और राजनेताओं को अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराने के लिए जिलाधिकारियों (DM) से पैरवी करनी पड़ेगी, उसी दिन माना जाएगा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था वास्तव में सुदृढ़ हुई है।
हर प्रखंड में खुलेगा अत्याधुनिक मॉडल स्कूल
बिहार सरकार ने राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक अत्याधुनिक मॉडल स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में निजी शिक्षण संस्थानों की तर्ज पर विश्वस्तरीय सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य इन स्कूलों को इतना उत्कृष्ट बनाना है कि समाज का हर वर्ग अपने बच्चों को यहाँ भेजने पर गर्व महसूस करे।
तबादले को लेकर बड़ी राहत और सख्त निर्देश
शिक्षकों की सहूलियत और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए सम्राट चौधरी ने स्थानांतरण (Transfer) नीति पर अहम घोषणा की।
- महिला शिक्षक: महिला शिक्षकों का तबादला उनके गृह पंचायत के ठीक बगल वाली पंचायत में किया जाएगा।
- पुरुष शिक्षक: पुरुष शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड (ब्लॉक) के पड़ोसी प्रखंड में पोस्टिंग दी जाएगी।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकार शिक्षकों की हर सुख-सुविधा और मान-सम्मान का पूरा ख्याल रख रही है, लेकिन इसके बदले में शिक्षकों को भी पूरी ईमानदारी से स्कूल में उपस्थित रहना होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी होगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब हर घर सोलर का लक्ष्य
बिजली क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में सड़कों का जाल बिछाया और हर घर तक बिजली पहुंचाई। वर्तमान में एनडीए सरकार बिहार के नागरिकों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ दे रही है।
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अब सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य आगामी 20 वर्षों के भीतर 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के माध्यम से हर घर को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि लोगों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो सके।
मोतीपुर में आयोजित इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद, वैशाली सांसद वीणा देवी और स्थानीय विधायक मौजूद रहे।
इसके अलावा प्रशासनिक अमले से बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, राजस्व विभाग के सचिव जय सिंह, मुजफ्फरपुर के प्रभारी सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी, डीएम सुब्रत कुमार सेन और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।