कक्षा में सोता रहा बच्चा और स्कूल बंद कर चले गए मास्टरजी, मुजफ्फरपुर के कुढ़नी की घटना वायरल
School Negligence Bihar: मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में एक चौथी कक्षा का छात्र कक्षा में सोता रह गया और छुट्टी के बाद शिक्षकों ने स्कूल में ताला लगा दिया। प ...और पढ़ें
HighLights
चौथी कक्षा का छात्र क्लास में सोता रह गया।
शिक्षकों ने बच्चे को अंदर छोड़ स्कूल में ताला लगाया।
घटना का वीडियो वायरल, स्कूल की लापरवाही उजागर हुई।
संवाद सहयोगी, कुढ़नी (मुजफ्फरपुर)। Bihar News: नींद भी क्या गजब की चीज है ना/… आ जाए तो सब कुछ भुला देती है/ और ना आए तो पुराना सब याद दिला देती है।
नींद नहीं आने की स्थिति को छोड़ दिया जाए तो मुजफ्फरपुर के कुढ़नी से सामने आई एक घटना ने किसी शायर की इन पंक्तियों को जैसे सजीव कर दिया।
यहां एक मासूम छात्र की गहरी नींद ने स्कूल की लापरवाही की पोल खोल दी। चौथी कक्षा का एक बच्चा क्लासरूम में सोता रह गया और छुट्टी के बाद शिक्षक स्कूल में ताला लगाकर चले गए।
एक नींद और बड़ी चूक
शनिवार का दिन था। स्कूल में पढ़ाई खत्म हुई, बच्चे अपने-अपने घर लौट गए। शिक्षक भी रोज की तरह ताला बंद कर निकल गए, लेकिन किसी को यह एहसास नहीं हुआ कि एक बच्चा अभी भी कक्षा के भीतर सो रहा है। यह सिर्फ एक चूक नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है।
खिड़की से दिखा सच
जब बच्चा घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई। वे अन्य बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे। बंद कमरे की खिड़की से झांककर देखा तो बच्चा अंदर ही सोया मिला। यह दृश्य जितना चौंकाने वाला था, उतना ही डराने वाला भी।
ताला खुला, तब मिली राहत
सूचना मिलने पर एक शिक्षिका मौके पर पहुंचीं और ताला खोलकर बच्चे को बाहर निकाला। तब जाकर परिजनों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि बच्चा सुरक्षित था, लेकिन यह सवाल जरूर छोड़ गया कि अगर कुछ अनहोनी हो जाती तो जिम्मेदार कौन होता?
वायरल वीडियो और उठते सवाल
रविवार को इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल गया। हालांकि इसकी पुष्टि दैनिक जागरण नहीं करता है, लेकिन इसे मध्य विद्यालय तारसन का मामला बताया जा रहा है। वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ दी है।
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जवाबदेही तय होगी
बीडीओ सह प्रभारी बीईओ गिरधारी लाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है। वहीं, प्रधानाध्यापक ने कहा कि सूचना मिलते ही बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और इस लापरवाही को लेकर वर्ग शिक्षक से जवाब मांगा गया है।
सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं
यह मामला सिर्फ एक बच्चे के सो जाने का नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। क्या छुट्टी के बाद कक्षाओं की ठीक से जांच नहीं होती? क्या जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर्याप्त है?
