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    SKMCH परिसर में आयुष्मान की आड़ में खेल! जन औषधि केंद्र पर सस्ती की जगह बेची जा रहीं महंगी दवाएं

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 12:32 PM (GMT+05:30)

    मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच परिसर स्थित जन औषधि केंद्र पर आयुष्मान योजना की आड़ में मरीजों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केंद्र संचालक सस्ती सरकारी ...और पढ़ें

    प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र मिली दवाएं। जागरण

    प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र मिली दवाएं। जागरण

    HighLights

    1. जन औषधि केंद्र पर महंगी ब्रांडेड दवाएं बेची जा रही हैं।

    2. आयुष्मान भारत योजना की आड़ में मरीजों से धोखाधड़ी।

    3. अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

    केशव कुमार, मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच परिसर स्थित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में मरीजों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

    मरीज के स्वजन ने केंद्र संचालक पर आरोप लगाया है कि आयुष्मान भारत योजना की आड़ में संचालक मरीजों को सस्ती सरकारी दवाओं के बदले बाजार की महंगी और ब्रांडेड जेनेरिक दवाएं बेच रहे हैं।

    जिसका सीधा असर गरीब मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। मरीज के स्वजन ने बताया कि बिक्री किए दवाओं को कोई बिल भी नहीं देते है, ताकि वह शिकायत होने पर कार्रवाई से बच सके। कुछ मरीज के स्वजन ने मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन से किया है।

    पांच दवाओं के बदले मिलीं तीन दवाएं

    औराई थाना के कोकिलवारा गांव के मो. अल्लाउद्दीन, मीनापुर गंजबाजार के वकील साह और शिवहर तरियानी छपरा के शोभा कुमारी ने बताया कि वह चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद अस्पताल के दवा वितरण केंद्र पर गए। वहां उन्हें पांच दवाओं के बदले तीन दवा मिली।

    अन्य दवा जन औषधि केंद्र पर जाकर लेने को कहा गया। यहां आए तो जन औषधि दवा दुकानदार की ओर से जो दवा मिली, वह काफी महंगी है।

    उसपर जन औषधि लिखा भी नहीं है। पीएमबीआइ को स्टीकर तक नहीं है। दो दवाओं की कीमत करीब 600 रुपये है। बिल मांगने पर दुकानदार बिल भी नहीं दिया।

    अन्य मरीज के स्वजन ने बताया कि वह मुफ्त इलाज और किफायती दर पर सुविधा मिलने की उम्मीद में यहां आते हैं। आरोप है कि संचालक न सिर्फ दवाओं के मनमाने दाम वसूल रहे हैं, बल्कि चिकित्सकों द्वारा लिखी गई मूल दवाओं के विपरीत दूसरी कंपनियों की दवाएं थमा रहे हैं।

    इससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने की स्थिति बनी है। उन्होंने बताया है कि पूरे मामले की शिकायत अधीक्षक और एसकेएमसीएच ओपी पुलिस से किया है।

    जबकि नियमानुसार, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में केवल फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो आफ इंडिया (पीएमबीआइ) द्वारा स्वीकृत और आपूर्ति की जाने वाली जेनेरिक दवाएं और सर्जिकल सामान ही बेचे जा सकते हैं।

    दुकानदार अपनी मर्जी से किसी अन्य कंपनी की ब्रांडेड या बाहरी दवाएं नहीं बेच सकते। इसके बावजूद दुकानदार धड़ल्ले प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो आफ इंडिया के दवा के बादले बाजार के ब्रांडेड जेनेरिक दवाएं बिक्री हो रही है।

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    अधीक्षक डा. महेश प्रसाद ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो आफ इंडिया से निर्गत दवा के बदले ब्रांडेड और बाजार के जेनेरिक दवा बिक्री की शिकायत मिली है।

    उन्होंने जांच का आदेश दिया है। अधीक्षक ने बताया कि जांच में मामला स्पष्ट होने पर संबंधित दुकानदार के विरूद्ध कार्रवाई के लिए विभाग को पत्राचार किया जाएगा।

    इधर, मामले को लेकर राज्य औषधि नियंत्रण विभाग और राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण के अधिकारी मोबाइल उठाने से दूर रहे।