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    मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में शर्मनाक खेल! नवजात सौंपने से पहले मांगे 3 हजार

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 02:48 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में नवजात को परिजनों को सौंपने के लिए नर्सिंग स्टाफ ने 3000 रुपये मांगे, 1700 रुपये लेने के बाद भी बच्ची नहीं दी, जिससे हंगाम ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर का एसकेएमसीएच अस्पताल।

    मुजफ्फरपुर का एसकेएमसीएच अस्पताल।

    HighLights

    1. एसकेएमसीएच में नवजात सौंपने के लिए नर्सिंग स्टाफ ने मांगे पैसे।

    2. 1700 रुपये लेने के बाद भी बच्ची देने से किया इनकार।

    3. पुलिस हस्तक्षेप पर पैसे वापस, अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच के एमसीएच में प्रसव के बाद नवजात को स्वजन को हैंडओवर करने के लिए नर्सिंग स्टाफ ने 17 सौ रुपये ले लिए। इसके बाद और रुपये की मांग किए जाने से आक्रोशित स्वजन ने जमकर हंगामा किया।

    बच्ची को हैंडओवर करने के लिए मांग रही थी तीन हजार रुपये 

    स्वजन का आरोप था कि नर्सिंग स्टाफ तीन हजार रुपये बच्ची हैंडओवर करने के लिए मांग रही थी। उनके पास उतने ही रुपये थे। इसके बाद भी बच्ची को नहीं दे रही थी। उनके पास रुपये नहीं थे कि नर्सिंग स्टाफ को दे सके। इसके बाद वह लोग बच्ची लेने के लिए मजबूर होकर हंगामा करने लगे।

    स्वजन ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी

    यह देख नर्सिंग स्टाफ मौके से निकल गई। स्वजन ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने नर्सिंग स्टाफ से बातचीत की। इसके बाद स्वजन को रुपये लौटा दिए। केरमा बसौली के अभिषेक कुमार की पत्नी माधुरी ने एसकेएमसीएच के एमसीएच में एक बच्ची को जन्म दिया। नार्मल डिलीवरी से बच्ची हुई।

    इसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने बच्ची को स्वजन के हैंडओवर करने के लिए तीन हजार रुपये बख्शीश मांगी। रुपये कम होने के कारण स्वजन 17 सौ रुपये दे दिए। फिर भी नर्सिंग स्टाफ और रुपये की मांग करते हुए बच्ची को देने से इन्कार कर दिया।

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    इससे आक्रोशित स्वजन ने हंगामा शुरू कर दिया। इधर, अधीक्षक डा. महेश प्रसाद ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट विभागाध्यक्ष और इंचार्ज सिस्टर से ली जाएगी। सीसी कैमरे से रुपये लेने वाले नर्सिंग स्टाफ की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

    मालूम हो कि 28 अक्टूबर में एसकेएमसीएच के एमसीएच में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ छाया कुमारी पर बख्शीश के तौर आठ सौ रुपये जबरन लेने का आरोप लगा था। मामला संज्ञान में आने पर तत्कालीन डीएम सुब्रत कुमार सेन ने श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज व अस्पताल के तत्कालीन प्राचार्य सह अधीक्षक डा. आभा रानी सिन्हा से जांच रिपोर्ट मांगी थी।

    रिपोर्ट में मामला सत्य पाए जाने पर प्रसव विभाग में तैनात नर्स छाया कुमारी (श्रेणी ए) को डीएम ने निलंबित कर दिया था। साथ ही उन्होंने आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी एसकेएमसीएच के एमसीएच से प्रसूताओं के स्वजन से रूपये वसूली करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा।