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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में आवारा कुत्तों का आतंक, एक ही परिवार की दो बच्चियों को नोंच डाला

    Updated: Mon, 07 Apr 2025 04:03 PM (GMT+05:30)

    मुजफ्फरपुर में रविवार को पटवा टोला मोहल्ला में एक कुत्ते ने घर के बाहर खेल रही दो बच्चियों को बुरी तरह से घायल कर दिया। दोनों बच्चियों को कई जगहों पर ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. वार्ड पार्षद ने दोनों बच्चियों का सदर अस्पताल में कराया इलाज
    2. निगम की टीम ने कुत्ता को पकड़ा, किसी तरह बची जान

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। शहर में कुत्तों को पकड़ने या उसकी संख्या को नियंत्रित करने की योजना बैठक से लेकर कागज तक ही सिमटी हुई है।

    दूसरी ओर आवारा कुत्ते रोज कहीं ना कहीं लोगों को शिकार बना रहे। इसमें मासूम बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। रविवार को वार्ड 40 के पटवा टोला मोहल्ला में एक कुत्ता ने घर के बाहर खेल रही दो बच्चियों को काटकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया। दोनों को कुत्ते ने कई जगह काटा।

    लोगों ने किसी तरह दोनों की जान बचाई। जानकारी मिलने ही मौके पर पहुंच वार्ड चालीस के पार्षद इकबाल हुसैन दोनों बच्चियों को सदर अस्पताल ले गए एवं इलाज करवाया।

    पीड़ित बच्चियों में एक तीन साल की और दूसरी दस साल की है। इसके बाद वार्ड पार्षद ने नगर आयुक्त विक्रम विरकर को इसकी जानकारी दी। नगर आयुक्त ने तत्काल वहां डाग कैचर भेजकर आवारा कुत्ता को पकड़वाया।

    कुत्तों के कितने हमले पर जगेगा निगम प्रशासन

    वार्ड पार्षद ने कहा कि उनके वार्ड में लगातार कुत्तों के काटने की घटनाएं घट रही हैं। पटवा टोला सब्जी मंडी के पास दो साल पहले कुत्ता के काटने से एक महिला की मौत भी हो चुकी है।

    उन्होंने कहा कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में कुत्ता काटने की घटना पर नियंत्रण के लिए प्रस्ताव पारित कर चुका है। इसके बाद भी अब तक उसका कार्यान्वयन नहीं हुआ है।

    यही सवाल महत्वपूर्ण है। नगर निगम में जनता से चुनी गई सरकार भी इस दिशा में निर्णय नहीं ले पा रही है। सवाल यही उठ रहा कि कुत्तों के कितने हमले के बाद निगम जगेगा।

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