नालंदा के हिलसा स्टेशन पर मालगाड़ी की 4 बोगियां बेपटरी, बड़ा रेल हादसा टला; कई ट्रेनें प्रभावित
नालंदा के हिलसा रेलवे स्टेशन के पास एक खाली मालगाड़ी की चार बोगियां पटरी से उतर गईं, जिससे फतुहा-नटेसर रेलखंड पर बड़ा हादसा टल गया। इस घटना से रेल परि ...और पढ़ें
HighLights
हिलसा स्टेशन पर मालगाड़ी की चार बोगियां बेपटरी हुईं।
कम गति के कारण बड़ा रेल हादसा टल गया।
कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित, मरम्मत कार्य जारी।
संवाद सूत्र, हिलसा (नालंदा)। फतुहा-नटेसर रेलखंड पर सोमवार को बड़ा रेल हादसा टल गया। हिलसा रेलवे स्टेशन के समीप एक खाली मालगाड़ी की चार बोगियां पटरी से उतर गईं।
घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरातफरी मच गई और इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। जानकारी के अनुसार, खाली मालगाड़ी फतुहा से नटेसर की ओर जा रही थी।
हिलसा स्टेशन में प्रवेश के दौरान अचानक उसके चार डिब्बे बेपटरी हो गए। संयोगवश घटना के समय मालगाड़ी की रफ्तार काफी कम थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
पटना से रवाना हुआ राहत दल
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधन ने वरीय रेल अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद पटना से दुर्घटना राहत दल को मौके के लिए रवाना किया गया।
जीआरपी और आरपीएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखे हुए है। हादसे का असर रेल सेवा के साथ-साथ सड़क यातायात पर भी पड़ा है।
हिलसा-चिकसौरा मार्ग समेत कई रेलवे फाटक बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे के टीआई कुंदन कुमार ने बताया कि हादसे के समय मालगाड़ी की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे से कम थी। प्रथम दृष्टया दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है।
मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित
दुर्घटना के कारण कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। दिल्ली से इस्लामपुर आने वाली मगध एक्सप्रेस मार्ग में ही रोक दी गई।
जबकि पटना-इस्लामपुर लोकल ट्रेन को जटडुमरी जंक्शन पर रोकना पड़ा। वहीं दोपहर 12 बजे खुलने वाली इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस के परिचालन पर भी असर पड़ा है।
रेलवे की टीम युद्धस्तर पर बेपटरी हुई बोगियों को हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही रेल परिचालन सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।