श्रेयसी सिंह के बाद बिहार के झंडू कुमार का कमाल; सब्जी बेचने वाले के बेटे ने कॉमनवेल्थ में जीता कांस्य पदक
नालंदा के झंडू कुमार ने स्कॉटलैंड में आयोजित राष्ट्रमंडल पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। सब्जी विक्रेता के ब ...और पढ़ें

स्कॉटलैंड में निर्णायक व दूसरे खिलाड़ी के साथ झंडू कुमार (दांए)।
HighLights
झंडू कुमार ने राष्ट्रमंडल पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता।
नालंदा के हरनौत निवासी झंडू ने बिहार का गौरव बढ़ाया।
आठ साल बाद बिहार को कॉमनवेल्थ में पदक मिला।
संवाद सूत्र, हरनौत (नालंदा)। बिहार के लिए खेल जगत से गर्व की खबर आई है। नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड के सबनहुआ डीह गांव के रहने वाले झंडू कुमार ने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
करीब आठ वर्षों बाद बिहार के किसी खिलाड़ी ने कॉमनवेल्थ स्तर की प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीता है। इससे पहले वर्ष 2018 में वर्तमान बिहार खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर नाम रोशन किया था।
झंडू कुमार ने स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल प्रतियोगिता में 24 जुलाई की रात पैरा पावरलिफ्टिंग की 72 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
उनकी इस उपलब्धि से पूरे नालंदा जिले में खुशी की लहर है। गांव से लेकर खेल जगत तक लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
झंडू कुमार की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। बेहद साधारण परिवार से आने वाले झंडू के माता-पिता आज भी हरनौत बाजार में सड़क किनारे आलू और प्याज बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
उनके भाई भी इसी काम में परिवार का हाथ बंटाते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने झंडू के खेल के सपने को कभी टूटने नहीं दिया।
हरनौत के एक स्थानीय जिम में अभ्यास के दौरान उनकी प्रतिभा सामने आई। बाद में वे नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन से जुड़े, जहां उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिला।
उनके प्रदर्शन को देखते हुए उनका चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर (गुजरात) में हुआ।
वहां पैरालंपिक पदक विजेता एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच राजेंद्र सिंह रहेलू के मार्गदर्शन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी की।
कोच और संघ ने जताया गर्व
नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव एवं कोच कुंदन कुमार पांडेय ने झंडू कुमार की उपलब्धि को बिहार के लिए ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर झंडू ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव संदीप कुमार ने भी झंडू कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने बताया कि संघ ने हर स्तर पर उन्हें सहयोग और प्रोत्साहन दिया तथा आगे भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए हरसंभव मदद जारी रहेगी।
लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा रहे भारत का मान
झंडू कुमार पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। राष्ट्रमंडल प्रतियोगिता का यह कांस्य पदक उनकी मेहनत और निरंतर प्रगति का प्रमाण माना जा रहा है।
खबरें और भी
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें इसी तरह अवसर और संसाधन मिलते रहे तो आने वाले वर्षों में वे पैरालंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भी भारत के लिए पदक जीत सकते हैं।
झंडू कुमार की प्रमुख उपलब्धियां
- 19वीं सीनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2021 (कोलकाता) – 65 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक।
- 22वीं सीनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 (ग्रेटर नोएडा) – 72 किग्रा वर्ग में 205 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक।
- खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 (नई दिल्ली) – 72 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक।
- बीजिंग वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ल्ड कप 2025 (चीन) – 192 किग्रा भार उठाकर कांस्य पदक।
- काहिरा वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 (मिस्र) – भारत का प्रतिनिधित्व।
- 23वीं सीनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 (रुड़की) – 72 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक।
- एशिया–ओशिनिया ओपन पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 (बैंकॉक) – एशिया इवेंट और ओपन इवेंट, दोनों में कांस्य पदक।
- राष्ट्रमंडल प्रतियोगिता 2026 (ग्लास्गो, स्कॉटलैंड) – 72 किग्रा पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ग में कांस्य पदक।
यह भी पढ़ें- परिवार का पेट पालने के लिए बेची सब्जी और चलाया ई-रिक्शा, संघर्ष की मिसाल Jhandu Kumar ने भारत को दिलाया पहला मेडल