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खूबसूरत महिलाओं को ‘गर्भवती’ करने के नाम पर मोटी कमाई का झांसा, नालंदा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

Published: Fri, 10 Apr 2026 05:07 PM (GMT+05:30)

Nalanda Cyber Fraud: नालंदा के अस्थावां में एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह गिरोह बेरोजगार युवकों को ...और पढ़ें

बेरोजगार युवकों और महिलाओं को शिकार

बेरोजगार युवकों और महिलाओं को शिकार

HighLights

  1. अस्थावां में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़।

  2. बेरोजगार युवकों, संतानहीन महिलाओं को बनाया निशाना।

  3. फर्जी विज्ञापन, रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी।

संवाद सूत्र, अस्थावां (नालंदा) नालंदा जिले के अस्थावां में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गिरोह बेरोजगार युवकों और संतानहीन महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी का खेल चला रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है।

खंडहर मकान से चल रहा था खेल

अस्थावां थाना पुलिस ने उगावां गांव के एक खंडहरनुमा मकान पर छापा मारकर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों में घनश्याम कुमार पासवान, विशाल मालाकार, वन कुमार और गोपी कुमार उर्फ कल्लू हलवाई शामिल हैं।

मोबाइल से चलता था पूरा नेटवर्क

पुलिस ने आरोपितों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन्हीं उपकरणों के जरिए यह गिरोह इंटरनेट मीडिया पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को जाल में फंसाता था।

लालच भरे विज्ञापन से जाल बिछाया

गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट डालता था। इनमें दावा किया जाता था कि 'खूबसूरत महिलाओं को गर्भवती करने पर मोटी रकम दी जाएगी', जिससे कई युवक झांसे में आ जाते थे।

फर्जी प्रक्रिया के नाम पर वसूली

जाल में फंसाने के बाद आरोपित रजिस्ट्रेशन, मेडिकल जांच, दवा और अन्य बहानों से पैसे ऐंठते थे। रकम मिलते ही वे संपर्क तोड़ देते थे, जिससे पीड़ित ठगे रह जाते थे।

महिलाओं को भी बनाया निशाना

यह गिरोह सिर्फ युवकों तक सीमित नहीं था। संतानहीन महिलाओं को दवा के जरिए गर्भवती बनाने का झूठा दावा कर उनसे भी मोटी रकम वसूली जाती थी।

दोनों तरफ से ठगी का खेल

इस तरह गिरोह एक ही समय में दो अलग-अलग वर्गों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था। एक ओर युवकों को लालच, तो दूसरी ओर महिलाओं को उम्मीद का सहारा देकर धोखा दिया जा रहा था।

बेरोजगारी और मजबूरी का फायदा

साइबर डीएसपी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी के अनुसार, गिरोह खासतौर पर बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को टारगेट करता था, जो जल्दी पैसे कमाने के लालच में फंस जाते थे।

पुलिस की अपील-रहें सतर्क

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी प्रलोभन भरे विज्ञापन पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर फैल रहे झूठे दावों से सावधान रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।

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