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    जहां होनी थी फिल्मों की शूटिंग, वहां हो रही खेती; बिहार में 9 साल बाद भी नहीं शुरू हुआ फिल्म सिटी का काम

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 06:35 PM (IST)

    राजगीर फिल्म सिटी परियोजना का काम शिलान्यास के 9 साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है, जिससे बिहार में सिनेमा उद्योग का सपना अधूरा है। अधिग्रहित 20 एकड़ जमी ...और पढ़ें

    फिल्म सिटी की जमीन। फोटो जागरण

    फिल्म सिटी की जमीन। फोटो जागरण

    HighLights

    1. राजगीर फिल्म सिटी का शिलान्यास 8 अगस्त 2017 को हुआ था।

    2. परियोजना के लिए 20 एकड़ जमीन अधिग्रहित, पर काम रुका।

    3. स्थानीय लोग रोजगार के अवसर हेतु निर्माण की मांग कर रहे।

    संवाद सहयोगी, राजगीर। पर्यटन, खेल, शिक्षा तथा नवारक्षी प्रशिक्षण केन्द्र के बाद राजगीर में अपनी भी एक अदद फिल्मी सेट की मायानगरी स्थापित हो सकती है। अगर राजगीर की फिल्म सिटी बना तो बिहार सिनेमा व मनोरंजन उद्योग का अगला बड़ा केंद्र होगा।

    छबिलापुर थानाक्षेत्र स्थित हिंदूपुर गांव के ठेरा मोड़ के पास राजगीर फिल्म सिटी की अधिग्रहित भूमि है, जहां अभी निर्माण स्थल पर केवल चारदीवारी, क्षतिग्रस्त व खुला हुआ गेट तथा अंदर खेती योग्य बनाया गया जमीन दिखाई दे रहा है।

    जहां राज्य सरकार के अनेक अति महात्वाकांक्षी परियोजनाओं में शुमार फिल्म सिटी का 08 अगस्त 2017 में, तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार द्वारा शिलान्यास किया गया था।

    उसके बाद चारदीवारी से इस अधिग्रहित भूमि की घेराबंदी कर छोड़ दिया गया है। मजे की बात है कि अभी इस जमीन पर खेती हो रही है। जिस पर प्रशासन और सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का ऐतराज दर्ज नहीं कराया गया है।

    हालांकि इस पर खेती कर रहे स्थानीय खेतिहर मजदूर और किसान भाइयों ने बताया कि, जिस दिन से फिल्म सिटी निर्माण का कार्यारंभ शुरू हो जाएगा। हम सभी स्वेच्छा से इस भूमि से हट जाएंगे।

    उन्होंने यह भी कहा अभी फिल्म सिटी से संबंधित कवायद के ना होने से इस बेकार पड़े भूमि पर फसल उगाकर धरती का सम्मान कर रहे हैं।

    केंद्र से की गई थी मदद की मांग

    पिछले साल नीतीश सरकार द्वारा बिहार की पहली फिल्म सिटी बनाने की पहल फिर से जोर पकड़ी भी थी। बताया जाता है कि इसके लिए बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से 200 करोड़ की आर्थिक सहयोग की मांग की गई थी।

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    उस समय तत्कालीन डिप्टी सीएम और कला एवं संस्कृति मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया था कि फिल्म सिटी के अलावा फिल्म टेलीविजन संस्थान और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय भी खोला जाएगा, जिससे सिनेमा और मनोरंजन उद्योग के रूप में बिहार के लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

    20 एकड़ जमीन का किया गया था अधिग्रहण 

    बता दें कि अति महात्वाकांक्षी परियोजनाओं के तहत तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार की सरकार द्वारा 2017 में राजगीर फिल्म सिटी का प्रस्ताव लाया गया था। फिर 08 अगस्त 2017 को इसका शिलान्यास किया गया था।

    इस परियोजना के लिए करीब 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया गया था। इस 20 एकड़ में 142 करोड़ की लागत से फिल्म सिटी को स्थापित करने का लक्ष्य रखा निर्धारित किया गया था।

    उस समय सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार कला कौशल और अभिनय प्रतिभा को निखारने और फलक पर लाने के लिए यह फिल्म सिटी के निर्माण का उद्देश्य आधारित है। इसके बाद फिल्म सिटी के स्थापना का जिम्मा भवन निर्माण विभाग तथा कला एवं संस्कृति विभाग को संयुक्त रूप से दिया गया था।

    बीच में यह भी जानकारी सामने आई थी कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में आधुनिक तकनीक से लैस फिल्म सिटी का निर्माण 20 एकड़ भूमि पर किया जाना है।

    निर्धारित लागत 142 करोड़ में से पहले फेज में 53 करोड़ तथा दूसरे फेज में 89 करोड़ रुपए खर्च करना तय किया गया था, जिसमें इसके फिल्म सिटी निर्माण तथा इसके क्रियान्वित हो जाने पर टूरिज्म सहित रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने का भी विजन शामिल रहा है।

    इस बाबत स्थानीय ग्रामीणों में हिंदूपुर गांव के बैजनाथ चंद्रवंशी उर्फ छोटे, बिरेंद्र प्रसाद व हरिद्वार चंद्रवंशी तथा ठेरा गांव के डाॅ अवधेश प्रसाद व रंजीत पासवान ने बताया कि फिल्म सिटी का निर्माण हो जाता, तो स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होता।

    लोगों की मानें तो राशि आबंटन के कारण फिल्म सिटी निर्माण की परियोजना कागजों में ही सिमटकर रह गया है। लोगों द्वारा सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए फिल्म सिटी निर्माण परियोजना संपन्न कराने पर जोर दिया गया है।

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