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    ग्लास ब्रिज और जू सफारी का बढ़ा क्रेज, 5 महीने में राजगीर पहुंचे 1 करोड़ से अधिक पर्यटक

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 03:51 PM (GMT+05:30)

    जनवरी से मई 2026 के दौरान 1.09 करोड़ से अधिक पर्यटकों के साथ राजगीर बिहार का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। ग्लास ब्रिज, जू सफारी जैसे नए आकर्षणो ...और पढ़ें

    नालंदा का ग्‍लास ब्र‍िज बना आकर्षण का केंद्र। फाइल

    नालंदा का ग्‍लास ब्र‍िज बना आकर्षण का केंद्र। फाइल

    जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की तपोभूमि और पूरी दुनिया को ज्ञान की रोशनी देने वाली प्राचीन राजधानी राजगृह (राजगीर) आज एक बार फिर पर्यटकों के मामले में अव्‍वल रहा है।  

    पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के दौरान राजगीर में 1.09 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ।

    ग्लास ब्रिज, जू सफारी, नेचर सफारी, विश्व शांति स्तूप, वेणुवन और गर्म जलधारा के पवित्र कुंड जैसे आकर्षणों ने राजगीर को बिहार का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बना दिया है।

    Stadium

    (राजगीर का क्र‍िकेट स्‍टेड‍ियम।)

    71 हजार से ज्‍यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे पांच महीने में

    पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजगीर बिहार का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बन चुका है।

    वर्ष 2026 के जनवरी से मई तक पांच महीनों में राजगीर में 1 करोड़ 8 लाख 62 हजार 580 घरेलू और 71 हजार 232 विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ।

    इस तरह कुल 1 करोड़ 9 लाख 33 हजार 812 पर्यटक राजगीर पहुंचे।राजगीर की पहचान अब केवल धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी तक सीमित नहीं रह गई है।

    यहां का ग्लास ब्रिज, जू सफारी, नेचर सफारी, विश्व शांति स्तूप, वेणुवन, रोपवे, घोड़ा कटोरा, गर्म जलधारा के पवित्र कुंड तथा अन्य ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। खासकर ग्लास ब्रिज और जू सफारी पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं।

    प्राचीन नालंदा विश्‍वव‍िद्यालय के खंडहर देखने पहुंचे काफी पर्यटक

    इधर, विश्व धरोहर नालंदा की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। जनवरी से मई 2026 के दौरान यहां 5 लाख 7 हजार 608 घरेलू और 90 हजार 393 विदेशी पर्यटक पहुंचे।

    प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर, संग्रहालय और बौद्ध विरासत विदेशी सैलानियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। 

    वर्ष 2025 में बिहार में कुल 6 करोड़ 62 लाख 12 हजार 415 पर्यटक पहुंचे थे। इनमें 6 करोड़ 54 लाख 68 हजार 527 घरेलू और 7 लाख 43 हजार 888 विदेशी पर्यटक शामिल थे।

    वहीं, वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों के आंकड़े बता रहे हैं कि इस वर्ष राज्य में पर्यटन नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। 

    अब कई कारणों से हो रही पहचान 

    राजगीर पंडा कमेटी के विकास उपाध्याय ने बताया कि पहले राजगीर की पहचान मुख्य रूप से गर्म जलधारा के पवित्र कुंडों से थी।

    अब सरकार की ओर से विकसित जू सफारी, नेचर सफारी, ग्लास ब्रिज, विश्व शांति स्तूप और खेल अकादमी जैसे नए पर्यटन स्थलों ने राजगीर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई दी है।

    उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। पर्यटक ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसाय और रोजगार को भी बढ़ावा मिला है।