ककोलत वाटरफॉल में एंट्री फीस घटकर ₹20 हुई, फिर भी पहुंचे मात्र 494 सैलानी; दुकानदार मायूस
ककोलत वाटरफॉल में प्रवेश शुल्क घटाकर 20 रुपये करने के बावजूद बुधवार को केवल 494 सैलानी पहुंचे, जिससे परिसर के दुकानदारों में निराशा है। ...और पढ़ें

ककोलत वाटरफॉल में एंट्री फीस घटकर ₹20 हुआ
HighLights
ककोलत में प्रवेश शुल्क घटाकर 20 रुपये किया गया।
शुल्क घटने के बावजूद केवल 494 सैलानी पहुंचे।
दुकानदार निराश, प्रचार-प्रसार की कमी मुख्य कारण।
संवाद सूत्र, गोविंदपुर (नवादा)। बिहार का कश्मीर कहे जाने वाला ककोलत में प्रवेश शुल्क घटने के बाद भी बुधवार को बहुत अधिक भीड़ नहीं जुटी। यहां प्रवेश शुल्क 20 रुपये कर दिया गया है। बावजूद उस अनुरूप भीड़ नहीं जुटी। इससे ककोलत परिसर के दुकानदारों में निराशा दिखी।
इधर, ककोलत परिसर के केयर टेकर यमुना पासवान ने बताया कि ककोलत में प्रवेश शुल्क के अलावा अन्य शुल्क के घटने के बाद भी ककोलत में सैलानी की संख्या की कमी देखी गई।
मात्र 494 सैलानी पहुंचे
जानकारी के अनुसार 22 जुलाई 2026 को ककोलत में 494 सैलानी पहुंचे। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि अभी बहुत लोगों के बीच प्रवेश शुल्क घटने की बात मालूम नहीं है। प्रचार प्रसार होते ही सैलनियों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। चर्चा इस बात पर भी हुई कि अभी बरसात का मौसम है।
ककोलत में वर्षा होने से झरना कुंड में अचानक जल स्तर बढ़ने का अंदेशा रहता है। इधर, ककोलत परिसर के दुकानदार ज्योतिष कुमार ने बताया कि ककोलत में प्रवेश शुल्क बढ़ाने से यहां से पर्यटकों का मन उदास हो गया था। अब रेट कम किया गया है। धीरे-धीरे पर्यटक आने लगेंगे। अभी बरसात का मौसम है।
सोमवार से शुक्रवार तक प्रवेश शुल्क 20 रुपये
इधर पार्किंग इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार ने बताया की बुधवार को कुल छोटी बड़ी गाड़ी मिला कर करीब 250 वाहन आए। बता दें कि ककोलत में सोमवार से शुक्रवार तक प्रवेश शुल्क 20 रुपये व शनिवार व रविवार को प्रवेश शुल्क 50 रुपये रखा गया है। मंगलवार को ककोलत बंद रहता है।