नवादा में आंधी-पानी के बीच आवारा कुत्तों का हमला, 40 भेड़ों की मौत से पशुपालक को भारी नुकसान
मेसकौर प्रखंड के बीजूबीघा गांव में आंधी-पानी के दौरान आवारा कुत्तों के हमले में पशुपालक मनु पाल की 40 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 15 घायल हैं। ...और पढ़ें

नवादा में आंधी-पानी के बीच आवारा कुत्तों का हमला, 40 भेड़ों की मौत से पशुपालक को भारी नुकसान

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संवाद सूत्र, मेसकौर (नवादा)। मेसकौर प्रखंड के बीजूबीघा गांव में मंगलवार की देर रात आवारा कुत्तों के हमले में 40 भेड़ों की मौत हो गई। रात्रि में आई तेज आंधी-पानी के बीच यह दर्दनाक घटना हुई। आवारा कुत्तों के आतंक ने गांव के लोगों को भी भयभीत कर दिया है।
पूरे इलाके के लोगों को जैसे ही सुबह में इस घटना की जानकारी हुई सभी स्तब्ध रह गए। इस हृदय विदारक घटना में 40 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 15 भेड़ें गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायल भेड़ों का उपचार पशु चिकित्सा टीम द्वारा की जा रही है।
गांव निवासी पशुपालक मनु पाल के पास कुल 85 भेड़ थीं, जो उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन था। ग्रामीणों के अनुसार, मनु पाल का परिवार पीढ़ियों से भेड़ पालन करते आ रहा है। इसी से उनका घर-परिवार चलता है।
मंगलवार की देर रात अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी, पानी और आसमानी बिजली की गड़गड़ाहट के बीच भेड़ें घबरा कर बाड़े से बाहर निकल आए। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया।
कुत्तों ने कई भेड़ों को बुरी तरह नोंच डाला, जिससे कई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
भेड़ों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बुधवार की सुबह जब बड़ी संख्या में भेड़ों के शव एक साथ पड़े मिले, तो गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। पशुपालक के घर में लोग रो-बिलख रहे थे। उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
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भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम को मौके पर भेजी गई।
प्रारंभिक जांच में पांच भेड़ें पर कुत्तों के हमले के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जबकि शेष 35 भेड़ों की मौत हृदयाघात (हार्ट अटैक) से होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि तेज बिजली की गड़गड़ाहट और भय के कारण ऐसा संभव है।
ग्रामीणों का कहना कि रात करीब दो से तीन बजे के बीच आए तेज तूफान और बिजली कड़कने से भेड़िया घबरा गए और इधर-उधर होने लगे। जिसके बाद वे कुत्तों का शिकार बन गईं।
घटना आपदा की श्रेणी में आने पर नियमानुसार दिया जाएगा मुआवजा
प्रखंड विकास पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि स्थल का निरीक्षण कर 40 भेड़ों की मौत की पुष्टि की गई है। मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया है और घायल पशुओं का इलाज जारी है।
वहीं अंचलाधिकारी अभिनव राज ने कहा कि यदि डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह घटना आपदा की श्रेणी में आती है, तो नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। घटना की सूचना पाकर मेसकौर थाना की पुलिस ने भी गांव पहुंचकर जानकारी ली।
पीड़ित परिवार के समक्ष आजीविका का संकट
इस घटना से मनु पाल का परिवार पूरी तरह टूट गया है। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। एक झटके में उनकी वर्षों की मेहनत खत्म हो गई, जिससे परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, इस घटना ने क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पशुपालक को हुआ बड़ा आर्थिक नुकसान, आर्थिक मदद की आस
पशुपालक मनु पाल ने बताया कि जिन 40 भेड़ों की मौत हुई है उनमें 20 मादा हैं। इनमें करीब 15 गर्भवती थी। जिसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एक छोटी भेड़ की कीमत सात हजार रुपये तक होती है। जबकि बड़े आकार के एक भेड़ की कीमत 15 हजार रुपये तक होती है।
इस तरह से पशुपालक को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। पशुपालक की ओर से मामले में आवेदन दिया जा रहा है। आर्थिक मदद की आस लगाए गए हुए हैं।