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    रेस्क्यू खत्म हुआ तो नवादा के लोगों ने बजाई तालियां, लेकिन अगले ही पल बदल गया पूरा मंजर

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 04:01 PM (IST)

    नवादा के बेलबन गांव में एक अंधे सांढ़ को गहरे कुएं से दो बार बचाया गया। ग्रामीणों, पुलिस और अग्निशमन विभाग ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान को सफल ...और पढ़ें

    रात भर पहरा, सुबह शुरू हुआ जिंदगी बचाने का मिशन

    रात भर पहरा, सुबह शुरू हुआ जिंदगी बचाने का मिशन

    HighLights

    1. नवादा के बेलबन गांव में अंधा सांढ़ कुएं में गिरा।

    2. पुलिस, अग्निशमन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर बचाया।

    3. सांढ़ को दो बार सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    संवाद सूत्र, मेसकौर (नवादा)। नवादा के मेसकौर प्रखंड के बेलबान गांव में बुधवार को एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन चला, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गांव के लोग एक बेजुबान की जान बचाने के लिए घंटों तक जद्दोजहद करते रहे।

    मंगलवार देर शाम एक अंधा सांढ़ अचानक गांव के एक पुराने और गहरे कुएं में गिर गया था। कुएं से आवाजें सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया।

    तुरंत इसकी सूचना डायल-112 पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके की निगरानी शुरू कर दी।

    रात भर पहरा, सुबह शुरू हुआ जिंदगी बचाने का मिशन

    अंधेरा अधिक होने की वजह से रात में रेस्क्यू अभियान चलाना संभव नहीं था। ऐसे में पुलिस ने कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर स्थिति पर नजर बनाए रखी।

    बुधवार सुबह रजौली अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी गई। कुछ ही देर में अग्निशमन विभाग की टीम जरूरी उपकरणों के साथ गांव पहुंच गई।

    ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और हर किसी की नजर कुएं पर टिकी थी। इसके बाद शुरू हुआ बेजुबान को मौत के मुंह से बाहर निकालने का अभियान।

    डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद मिली पहली जीत

    रस्सियों और अन्य उपकरणों की मदद से अग्निशमन कर्मियों ने रेस्क्यू शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार सांढ़ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    कुएं से बाहर आते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सांढ़ की हालत सामान्य थी और वह धीरे-धीरे चलने भी लगा था।

    ऐसा लगा कि अब खतरा पूरी तरह टल चुका है। लेकिन किस्मत ने अभी एक और मोड़ संभाल कर रखा था।

    कुछ ही मिनटों में फिर हुआ वही हादसा

    अंधा होने की वजह से सांढ़ को आसपास की स्थिति का अंदाजा नहीं हो सका। कुएं से बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद वह फिर उसी दिशा में बढ़ गया।

    देखते ही देखते वह दोबारा उसी पुराने कुएं में जा गिरा। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों के होश उड़ गए।

    कुछ देर पहले खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन फिर से शुरू करने की नौबत आ गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    दूसरी बार भी जिंदगी की जंग जीत गया बेजुबान

    अग्निशमन विभाग की टीम ने बिना समय गंवाए फिर से मोर्चा संभाल लिया। एक बार फिर रस्सियां डाली गईं और बचाव अभियान शुरू किया गया।

    काफी मशक्कत और सतर्कता के बाद सांढ़ को दूसरी बार भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस बार ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की।

    दो बार मौत के मुंह से लौटे इस बेजुबान की कहानी गांव में चर्चा का विषय बनी रही। लोग अग्निशमन कर्मियों और पुलिस की तत्परता की सराहना करते नजर आए।

    पुलिस और अग्निशमन टीम की मुस्तैदी की हुई सराहना

    रेस्क्यू अभियान में मेसकौर डायल-112 पुलिस और रजौली अग्निशमन इकाई की टीम ने अहम भूमिका निभाई।

    अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रविंद्र राम के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। प्रधान अग्निक सुरेंद्र कुमार शर्मा, चंदन कुमार समेत कई जवान इसमें शामिल रहे।

    ग्रामीणों ने भी पूरी कार्रवाई के दौरान सहयोग किया। बताया गया कि कुआं काफी पुराना और गहरा है। अंधा होने के कारण सांढ़ को खतरे का अंदाजा नहीं लग पाया और वह दो बार उसमें जा गिरा।