रोहिणी नक्षत्र में धान की बुआई की तैयारी तेज, खेतों को संवारने में जुटे नवादा के किसान
नवादा के किसान मानसून आगमन से पहले रोहिणी नक्षत्र में धान की बुआई की तैयारी में जुट गए हैं। वे खेतों की जुताई, समतलीकरण और उन्नत बीजों की व्यवस्था कर ...और पढ़ें

धान की बुआई की तैयारी तेज
HighLights
किसान रोहिणी नक्षत्र में धान की बुआई की तैयारी में जुटे।
खेतों की जुताई, समतलीकरण और उन्नत बीजों की व्यवस्था जारी।
तेज धूप से खरपतवार नष्ट, अच्छी फसल की पैदावार की उम्मीद।
संवाद सूत्र, नवादा। मानसून के आगमन से पहले रजौली प्रखंड के किसान धान की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किसान अपने-अपने खेतों को धान के बीज लगाने के लिए तैयार कर रहे हैं।
परंपरागत कृषि मान्यताओं और अनुभवों के आधार पर किसान रोहिणी नक्षत्र में धान की नर्सरी तैयार करने को शुभ और लाभदायक मानते हैं।
रोहिणी नक्षत्र में लगाते हैं धान का बीज
रामदासी गांव के किसान फूलचंद यादव ने बताया कि वर्षों से किसान रोहिणी नक्षत्र में धान का बीज लगाते आ रहे हैं। उनका मानना है कि इस समय बोए गए बीजों का अंकुरण बेहतर होता है और पौधे मजबूत बनते हैं, जिससे आगे चलकर फसल की पैदावार अच्छी होती है।
उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और अनुभव के आधार पर किसानों ने खेतों की तैयारी शुरू कर दी है।
उन्नत किस्म के बीजों की व्यवस्था में लगे
किसान इन दिनों खेतों की जुताई, समतलीकरण और मेड़ों की मरम्मत जैसे कार्यों में व्यस्त हैं। साथ ही धान की नर्सरी के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर उसे तैयार किया जा रहा है। कई किसान उन्नत किस्म के धान बीजों की व्यवस्था करने में भी लगे हुए हैं ताकि बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
फूलचंद यादव ने बताया कि इस मौसम में पड़ने वाली तेज धूप का भी किसानों को लाभ मिलता है। खेतों में उगने वाले घास-पतवार और खरपतवार धूप के प्रभाव से काफी हद तक नष्ट हो जाते हैं। इससे खेत साफ-सुथरे रहते हैं और धान की फसल को शुरुआती अवस्था में बेहतर वातावरण मिलता है। साथ ही खरपतवार नियंत्रण पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम हो जाता है।
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वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसानों को बेहतर उत्पादन
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों की बढ़ती गतिविधियों से खेतों में रौनक लौट आई है। सुबह से ही किसान परिवार के सदस्य खेतों में पहुंचकर तैयारी कार्यों में जुट जाते हैं।
कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर नर्सरी तैयार करने और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसानों को बेहतर उत्पादन मिल सकता है।
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धान क्षेत्र की प्रमुख फसल है और अधिकांश किसानों की आजीविका इसी पर निर्भर करती है। ऐसे में रोहिणी नक्षत्र के साथ शुरू हुई धान की तैयारी ने किसानों में अच्छी फसल की उम्मीद जगा दी है। किसान आशा कर रहे हैं कि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष धान की पैदावार बेहतर होगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी।