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    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: नवादा के 2 लाख से अधिक किसानों का कट सकता है नाम, E-KYC कराना जरूरी

    Updated: Sat, 17 Jan 2026 03:27 PM (IST)

    नवादा के नारदीगंज प्रखंड की ननौरा पंचायत में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी और किसान पंजीकरण के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस ...और पढ़ें

    केवाईसी व किसान पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से विशेष अभियान

    केवाईसी व किसान पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से विशेष अभियान

    HighLights

    1. पीएम किसान ई-केवाईसी और पंजीकरण हेतु जागरूकता अभियान।

    2. ई-केवाईसी न होने पर रुक सकती है अगली किस्त।

    3. ओटीपी, फेस, बायोमेट्रिक से ई-केवाईसी संभव।

    संवाद सूत्र, नारदीगंज (नवादा)। नारदीगंज प्रखंड के ननौरा पंचायत में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी और किसान पंजीकरण को लेकर शुक्रवार को विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को ई-केवाईसी की अनिवार्यता के प्रति सचेत करना और लंबित पंजीकरण कार्य को तेजी से पूरा कराना था। अभियान का संचालन विशेष सर्वेक्षण अमीन अविनाश कुमार तिवारी, विनिश कुमार, राकेश कुमार सहित अन्य कर्मियों द्वारा किया गया।

    अभियान के दौरान अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया और पीएम किसान योजना से जुड़े लाभुकों को ई-केवाईसी नहीं कराने की स्थिति में होने वाली परेशानियों की जानकारी दी।

    अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनकी अगली किस्त में देरी हो सकती है या भुगतान पूरी तरह रोका भी जा सकता है।

    अधिकारियों ने किसानों को ई-केवाईसी के तीन तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें ओटीपी आधारित सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन शामिल हैं।

    ओटीपी आधारित ई-केवाईसी के लिए किसान के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर का लिंक होना आवश्यक है। किसान पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर ई-केवाईसी विकल्प चुनकर आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या पंचायत कार्यालय में जाकर बायोमेट्रिक तरीके से ई-केवाईसी करा सकते हैं।

    इसके अलावा अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब ई-केवाईसी के साथ-साथ फार्मर आईडी का पीएम किसान खाते से लिंक होना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों की फार्मर आईडी लिंक नहीं होगी, उनकी आने वाली किस्त रोकी जा सकती है।

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    अभियान के दौरान कई किसानों का मौके पर ही ई-केवाईसी और किसान पंजीकरण कराया गया। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे समय रहते सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लें, ताकि पीएम किसान योजना की राशि बिना किसी बाधा के सीधे उनके बैंक खाते में मिलती रहे।

    मौके पर देवनंदन कुमार, गोकुल महतो, सुनील प्रसाद समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।