नवादा में 45 साल पुरानी पुलिया टूटी: 16 गावों का संपर्क टूटा, 90 गावों में पेयजल और सिंचाई का संकट
नवादा के रजौली प्रखंड में हरदिया डैम जाने वाला 45 साल पुराना पुलिया रेलवे निर्माण कंपनी के ओवरलोड वाहनों से टूट गया है। इससे 90 गांवों में आवागमन, सिं ...और पढ़ें

हरदिया पुलिया। फोटो जागरण
HighLights
1980 में निर्मित पुलिया ओवरलोड वाहनों से टूटा।
90 गांवों की सिंचाई और पेयजल आपूर्ति बाधित।
ग्रामीणों ने रेलवे कंपनी से हर्जाना और निर्माण मांगा।
संवाद सूत्र, रजौली। नवादा जिले के रजौली प्रखंड के हरदिया पंचायत स्थित फुलवरिया डैम जाने वाले मार्ग पर वर्ष 1980 में ग्रामीणों के आवागमन के लिए पुलिया का निर्माण कराया गया था, जो कोडरमा-तिलैया रेलखंड पर निर्माण कार्य में लगे कंपनी के ओवरलोड वाहनों के गुजरने से टूट गया।
इस पुलिया के टूट जाने से ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। साथ ही क्षेत्र की सिंचाई और नल-जल योजना भी ठप हो गई।
बता दें कि यह पुलिया प्रखंड के दस पंचायत के करीब 90 गांव के ग्रामीणों का मुख्य रास्ता था। पुलिया के टूटने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
ओवरलोड वाहनों के दबाव से टूटा 45 साल पुराना पुलिया
स्थानीय ग्रामीण जयेंद्र यादव उर्फ जालो यादव ने बताया कि हरदिया डैम की पुलिया का निर्माण 1980 में हुआ था। पिछले कुछ वर्षों से रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लोहे, बालू, सीमेंट और गिट्टी लदे ओवरलोडेड मालवाहक वाहन इसी रास्ते से बेरोकटोक गुजर रहे थे।
इसी दबाव के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। न्यू सिंगर निवासी विनोद राजवंशी ने कहा कि हादसे में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का आवागमन 16 गांव की पूरी तरह बाधित हो गया है। लोगों को अब 3-4 किलोमीटर का चक्कर लगाकर दूसरे रास्ते से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
सिंचाई और नल-जल योजना पर संकट
हरदिया निवासी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिया के टूटने से किसानों की सिंचाई बाधित हो गई है। डैम नहर से निकलने वाला पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
जिंदल में पदस्थापित पंप ऑपरेटर पंकज कुमार ने बताया कि पुलिया के बगल से ही डैम से सप्लाई मशीन तक जाने वाला मुख्य पाइप गुजरा है।
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पुलिया क्षतिग्रस्त होने से बहुउद्देशीय जल परियोजना के तहत प्रखंड के 10 पंचायतों के 90 गांवों को मिलने वाली नल-जल योजना भी प्रभावित हुई है। पुलिया बनने तक ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों की मांग: कंपनी से भरवाएं हर्जाना
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त पुलिया का अविलंब निर्माण कराया जाए। साथ ही कंपनी से हर्जाना वसूलकर वैकल्पिक पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था की जाए।
फुलवरिया डैम क्षेत्र के हरदिया , भौंर, रामडीहा, चौथा, प्रतौनिया, पिपरा, सूअरलेती, कुंभियतरी, चोरडीहा, दिलवा यदि दर्जनों गांव के लोग एकमात्र रास्ते पर निर्भर हैं। पुलिया के अभाव में न सिर्फ खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी परेशानी हो रही है।
रेलवे निर्माण की वजह से हुआ हादसा
इस संबंध में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निशांत सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार की रात रेलवे निर्माण में लगे एक मालवाहक वाहन के गुजरने से पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हुई थी।
बाद में पूरा ढांचा गिर गया। उन्होंने कहा कि पुलिया गिरने से डैम का पानी किसानों तक नहीं पहुंच रहा है। विभाग जल्द ही ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी तौर पर सिंचाई कार्य शुरू कराएगा। इस दौरान कनीय अभियंता रोहित गुप्ता समेत अन्य कर्मी मौके पर मौजूद थे।
वहीं, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि ग्रामीण सड़क पर 10 टन से अधिक भारी वाहन के गुजरने पर रोक है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
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