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    बिहार में बिना स्वीकृत पद के काम कर रहे 40000 टीचरों का होगा ट्रांसफर, नई नियमावली से बदलेगा ठिकाना

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 05:30 AM (IST)

    सरकारी विद्यालयों में 40 हजार शिक्षक स्वीकृत पद के बिना कार्यरत हैं, जिनकी सूची शिक्षा विभाग ने तैयार की है। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. 40 हजार शिक्षक बिना स्वीकृत पद के कार्यरत।

    2. शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों की सूची बनाई।

    3. नई स्थानांतरण नियमावली से होगा शिक्षकों का समायोजन।

    राज्य ब्यूरो, पटना। सरकारी विद्यालयों में 40 हजार शिक्षकों की संख्या ऐसी है जो संबंधित विद्यालयों के लिए स्वीकृत पद के बगैर काम कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों की पूरी सूची तैयार की है।

    प्राथमिक विद्यालयों में ऐसे शिक्षकों की संख्या अधिक है। शिक्षकों की संख्या अधिक है और बच्चे उस हिसाब से कम हैं। नई स्थानांतरण नियमावली में इस विसंगति को दूर करने की तैयारी है।

    शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि पूर्व से यह नियम है कि एक विद्यालय में छात्रों की संख्या के हिसाब से कितने शिक्षकों का पदस्थापित किया जाएगा।

    किस विषय के शिक्षक कितनी संख्या में रहेंगे इस संबंध में नियम है। विभाग के स्तर पर इसे देखा जा रहा। जिस विद्यालय में शिक्षकों की संख्या तय मानक से काफी अधिक है उसे उन विद्यालयों में व्यवस्थित किया जाएगा जहां शिक्षकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।

    अतिरिक्त शिक्षकों को किया जाएगा पोस्टेड

    जिन विद्यालयों में तय मानक से अधिक शिक्षक हैं वहां नामांकन बढ़ने पर अतिरिक्त शिक्षकों को पदस्थापित किया जाएगा। नामांकन के आंकड़े भी विभाग को नियमित रूप से मिलते रहते हैं।

    इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग इस बात की मानीटरिंग भी करेगा कि किस-किस विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही और वहां शिक्षकों की किस तरह से जरूरत है।

    स्थानीय स्तर पर तैनात अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट मंगाई जाएगी। नई स्थानांतरण नियमावली को केंद्र में रख शिक्षा विभाग के पोर्टल पर सभी शिक्षकों के घर के पते का पूरा ब्योरा है। इसलिए स्थानांतरण में किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश नहीं।

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