यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्टेज 4 कैंसर रोगी नई तकनीक से हो रहे स्वस्थ, ब्लड Cancer वाले पेशेंट को भी फायदा
पटना में मगध कैंसर कानक्लेव का आयोजन किया इस दौरान 500 जूनियर व पीजी डाक्टरों ने गांव-गांव तक जागरूकता लाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही। साथ ...और पढ़ें

HighLights
- मगध कैंसर कानक्लेव में बोले कैंसर रोग विशेषज्ञ
- इम्यूनोथेरेपी व टार्गेटेड थेरेपी के बताए फायदे
- ब्लड कैंसर में कार्टिसोल थेरेपी पर की गई चर्चा
जागरण संवाददाता, पटना। कैंसर के इलाज में इम्यूनोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी जैसी नई इलाज पद्धति से एडवांस यानी चौथे चरण के कैंसर रोगी भी स्वस्थ हो रहे हैं। उनके जीवन को गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।
दो दिवसीय कानक्लेव का आयोजन
ये बातें मगध कैंसर सेंटर व आइएमए बिहार द्वारा आयोजित दो दिवसीय कानक्लेव में कैंसर विशेषज्ञों ने कहीं। मौके पर मगध कैंसर के डा. रिदु कुमार शर्मा, जयप्रभा मेदांता की डा. निहारिका राय, कोच्चि के डा. वरुण राजन, त्रिवेंद्रम के डा. सोगित एमटी, हैदराबाद के डा. एम मनीशगरण, कोलकाता के डा. तापस भट्टाचार्य, डा. सम्राट गुप्ता, नई दिल्ली के डा. अभिषेक शंकर व आइजीआइएमएस के डा. निखिल रंजन चौधरी आदि शामिल थे।
नई उम्मीद के रूप में सामने आई थेरेपी
डा. रिदु शर्मा ने बताया कि इम्यूनो थेरेपी नई उम्मीद के रूप में सामने आई है। इससे कैंसर पीड़ितों की कोशिकाओं के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर उसे नष्ट किया जाता है। वहीं टारगेटेड थेरेपी से प्रभावित कैंसर कोशिकाओं को दवा से नष्ट किया जाता है।
ब्लड कैंसर भी हो सकता है ठीक
डा. निहारिका और डा. वरुण राजन ने कहा कि अब ब्लड कैंसर को कार्टिसेल थेरेपी के सही इस्तेमाल से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। आइजीआइएमएस के यूरोलाजिस्ट डा. निखिल रंजन चौधरी ने किडनी कैंसर की सर्जरी के फायदे बताए।
सरकार से जरूरी कानून बनाने की मांग
डा. रिदु शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में 500 जूनियर व पीजी डाक्टरों ने गांव-गांव तक जागरूकता लाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही है। इस सम्मेलन को बिहार काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च ने आठ घंटे का स्टडी प्वाइंट दिया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैंसर की महंगी दवाओं तक आमजन की पहुंच बनाने के लिए कारपोरेट अस्पतालों व सरकार से जरूरी कानून बनाने की मांग की।