पटना सिविल कोर्ट के इतिहास में नया अध्याय, अनामिका टी होंगी पहली महिला जिला जज; हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना
पटना व्यवहार न्यायालय को पहली महिला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिलेंगी, अनामिका टी बेतिया से स्थानांतरित होकर यह पदभार संभालेंगी। यह नियुक्ति पटना ...और पढ़ें

अनामिका टी
HighLights
अनामिका टी पटना की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश होंगी।
वह बेतिया सिविल कोर्ट से स्थानांतरित होकर आ रही हैं।
वर्तमान न्यायाधीश रूपेश देव हाईकोर्ट के महानिबंधक बने।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना व्यवहार न्यायालय के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। अनामिका टी पटना की पहली महिला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालेंगी। पटना हाईकोर्ट की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पश्चिमी चंपारण के बेतिया सिविल कोर्ट की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी का तबादला पटना किया गया है।
रूपेश देव को हाईकोर्ट का महानिबंधक बनाया गया
अधिसूचना के अनुसार पटना के वर्तमान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव को पटना हाईकोर्ट का महानिबंधक नियुक्त किया गया है।
उनके स्थान पर अब अनामिका टी पटना सिविल कोर्ट की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके पदभार संभालने के साथ ही पटना व्यवहार न्यायालय में पहली बार किसी महिला न्यायिक अधिकारी को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की जिम्मेदारी मिलेगी।
2016 में अधिवक्ता कोटा से आईं न्यायिक सेवा में
अनामिका टी वर्ष 2016 में अधिवक्ता कोटा से सीधे उच्च न्यायिक सेवा में शामिल हुई थीं। न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में उनकी पहली पदस्थापना मुजफ्फरपुर में हुई थी।
इसके बाद वह पटना हाईकोर्ट में निबंधक स्थापना और निबंधक निगरानी के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने मधुबनी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
वर्तमान में वह बेतिया सिविल कोर्ट की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं।
पटना सिविल कोर्ट की 93वीं जिला जज होंगी अनामिका टी
अनामिका टी के पटना में पदभार संभालने के बाद वह पटना सिविल कोर्ट की 93वीं जिला एवं सत्र न्यायाधीश होंगी।
उनके नियुक्त होने को पटना न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
उनके लंबे न्यायिक अनुभव और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने के अनुभव से पटना सिविल कोर्ट को लाभ मिलने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट की अधिसूचना के बाद अब उनके पटना में पदभार संभालने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।