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सम्राट चौधरी ने पहली बार फहराया तिरंगा तो याद आया नीतीश का रिकॉर्ड, गांधी मैदान से जुड़ा है खास रिश्ता

Updated: Sat, 15 Aug 2026 10:22 AM (IST)

गांधी मैदान में इस स्वतंत्रता दिवस पर सम्राट चौधरी ने पहली बार तिरंगा फहराया, जो 18 साल बाद एक बदलाव है। इससे पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में 18 बार ध्वजारोहण कर एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बनाया था।

गांधी मैदान में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी। फाइल

गांधी मैदान में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी। फाइल

HighLights

  1. सम्राट चौधरी ने गांधी मैदान में पहली बार तिरंगा फहराया।

  2. नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में 18 बार ध्वजारोहण किया।

  3. नीतीश कुमार का लंबा राजनीतिक सफर, 'सुशासन बाबू' की पहचान।

डिजिटल डेस्क, पटना। ऐतिहासिक गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार कई मायनों में खास रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार यहां तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया।

इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार गांधी मैदान में 18 बार ध्वजारोहण कर चुके हैं। यह बिहार के स्वतंत्रता दिवस समारोह के इतिहास में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है।

नीतीश कुमार वर्ष 2005 से बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री के रूप में प्रमुख भूमिका में रहे। हालांकि उनके लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के बीच जीतन राम मांझी को कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया था।

इसके बावजूद मुख्यमंत्री के रूप में गांधी मैदान में सबसे अधिक बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड नीतीश कुमार के नाम है।

सात दिन के लिए पहली बार बने थे मुख्यमंत्री

पहली बार 3 मार्च 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार का पहला कार्यकाल महज सात दिन का रहा।  उन्हें 10 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

इसके बाद नवंबर 2005 में वह दोबारा बिहार के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद जीतन राम मांझी के कार्यकाल को छोड़ दें तो वह राज्य की सत्ता के केंद्र में रहे।

मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को संबोधित किया।

समाजवादी आंदोलन से निकले नीतीश

1 मार्च 1951 को पटना के बख्तियारपुर में जन्‍में नीतीश कुमार को 'सुशासन बाबू' के नाम से जाना जाता है। उनके पिता राम लखन सिंह स्वतंत्रता सेनानी और गांधीवादी विचारधारा से जुड़े नेता थे।

नीतीश कुमार ने पटना स्थित बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उनका राजनीतिक जीवन समाजवादी आंदोलन से जुड़ा।

राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और वीपी सिंह जैसे नेताओं के राजनीतिक विचारों का उनके जीवन पर प्रभाव पड़ा।

जेपी आंदोलन में निभाई सक्रिय भूमिका

जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। इसी दौर में उनकी राजनीतिक पहचान मजबूत हुई और उन्होंने समाजवादी राजनीति को अपने राजनीतिक जीवन का आधार बनाया।

इसके बाद वह राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय हुए। वह 1989 से 2004 तक बाढ़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार लोकसभा चुनाव जीतते रहे। 

केंद्र में रेल मंत्री की जिम्मेदारी

नीतीश कुमार वर्ष 2001 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इस दौरान उन्हें रेल मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली।  

उनके जीवन में अटल बिहारी वाजपेयी का अहम स्‍थान माना जाता है। अक्‍सर वे इसकी चर्चा भी करते हैं। उनके सम्‍मान में पटना की महत्‍वपूर्ण सड़क का नामाकरण भी किया। 

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