'जो चिराग पासवान करते हैं, वही हम करेंगे?' भोजपुर एनकाउंटर को मांझी ने फिर ठहराया सही, पूछे 3 सवाल
भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर पर एनडीए के सहयोगी दलों में मतभेद सामने आए हैं। चिराग पासवान ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पीड़ित ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी। फाइल
HighLights
चिराग पासवान ने पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दिया।
जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई को पूरी तरह सही बताया।
मांझी ने भरत तिवारी के आपराधिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।
डिजिटल डेस्क, पटना। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। इस मुद्दे पर एनडीए के दो प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं की राय अलग-अलग नजर आ रही है।
केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
वहीं केंद्रीय मंत्री और हम (सेक्युलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई को पूरी तरह सही ठहराया है।
चिराग पासवान ने पोछे थे भरत की मां के आंसू
शुक्रवार को चिराग पासवान भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे थे। उन्होंने भरत तिवारी के स्वजनों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं।
इस दौरान भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष जांच हो तथा परिवार को न्याय मिले, इसके लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने भरत की तस्वीर पर पुष्पांजलि भी की।
उधर, पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जीतन राम मांझी ने चिराग पासवान के दौरे और उनके रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्या जो चिराग पासवान करते हैं, वही हम करेंगे?
पुलिस ने की सटीक कार्रवाई
मेरा व्यू बिल्कुल स्पष्ट है। पुलिस ने जो कार्रवाई की है, वह पूरी तरह सटीक है। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो पुलिसकर्मियों की जान जा सकती थी।"
मांझी ने भरत तिवारी के आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि यदि वह निर्दोष व्यक्ति थे तो उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत इतने मुकदमे क्यों दर्ज थे।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस हथियार की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, क्या वह लाइसेंसी था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, "अगर पुलिस का मकसद सिर्फ मारना होता तो सीधे सीने में गोली मारती।
पुलिस ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। मारने के लिए नहीं मारा गया, हालांकि घटनाक्रम में उनकी मौत हो गई, लेकिन पुलिस ने अपना काम पूरी जिम्मेदारी और कानून के दायरे में रहकर किया है।"
एसडीपीओ की पोस्टिंग पर भी दिया जवाब
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नामजद किए गए एसडीपीओ की दोबारा पोस्टिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जीतन राम मांझी ने सरकार का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होना और किसी व्यक्ति का दोषी साबित होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। मांझी ने कहा, केवल एफआईआर दर्ज हो जाने से कोई दोषी नहीं हो जाता।
यदि जांच में अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो निश्चित रूप से उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन पुलिस बल में पहले से कर्मियों की कमी है। ऐसे में सिर्फ एफआईआर के आधार पर किसी अधिकारी को बैठाकर रखने का क्या फायदा?"