बिहार में 1 अप्रैल से फिर गरजेगा बुलडोजर; अतिक्रमण के हर केस की बनेगी लिस्ट, नोटिस से कार्रवाई तक होगी मॉनिटरिंग
बिहार में 1 अप्रैल से अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा, जिसमें सीमावर्ती इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान स ...और पढ़ें

पटना में हटाया जा रहा अतिक्रमण। फाइल

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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में एक अप्रैल से अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर रहेगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, अनुमंडल पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है।
यह अभियान बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत संचालित होगा। जारी पत्र में कहा गया है कि पटना उच्च न्यायालय ने कई मामलों में अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिनका अनुपालन अनिवार्य है।
- वैकल्पिक व्यवस्था के बाद ही गरीबों को विस्थापित किया जाएगा
- अंचल अधिकारी, डीसीएलआर और अनुमंडल पदाधिकारी की भूमिका
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल का आदेश
भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों पर विशेष फोकस
पत्र में भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के ‘नो मैन्स लैंड’ में अतिक्रमण को अत्यंत गंभीर बताया गया है। इन मामलों के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सीमांकन के लिए संयुक्त कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। ऐसे क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों की भूमिका तय, वादों की सूची बनाने का निर्देश
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया विधिसम्मत तरीके से होगी। लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकारी भी निर्धारित हैं।
ऐसे में अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी स्तर के अधिकारी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित अतिक्रमण वादों की सूची तैयार करने और उनका विधिवत संधारण करने को कहा गया है। प्रत्येक मामले में नोटिस, तामिला और कार्रवाई की वर्तमान स्थिति का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य होगा।
गरीबों के पुनर्वास के बाद ही कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गरीब और असहाय लोगों के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। उनका अतिक्रमण तभी हटाया जाएगा, जब उनके लिए रोजगार के वैकल्पिक साधन या पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए।
गरीब एवं असहाय लोगों के जीवनयापन को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि उनका अतिक्रमण तभी हटाया जाए, जब उनके लिए रोजगार के वैकल्पिक साधन या पुनर्वास की समुचित व्यवस्था कर दी जाए। हमारा उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण के साथ विकास को आगे बढ़ाना है। सरकार की पहली प्राथमिकता में मुख्य धारा से पीछे छूटी हुई आबादी है।
विजय कुमार सिन्हा, उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री।