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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Assembly Winter Session: विधानसभा में विपक्ष ने किया हंगामा, वेल में कुर्सियां पलटी; दो विधायकों को चेतावनी

    By Dina Nath SahaniEdited By: Prateek Jain
    Updated: Tue, 07 Nov 2023 08:22 PM (IST)

    Bihar Assembly Winter Session 2023 बिहार विधानसभा की पहली पाली में आंगनबाड़ी सेविकाओं को मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों के विधायकों ने हं ...और पढ़ें

    सदन में अपनी बात रखते हुए विजय सिन्‍हा।
    सदन में अपनी बात रखते हुए विजय सिन्‍हा।

    HighLights

    1. आंगनबाड़ी सेविकाओं को मानदेय बढ़ाने को लेकर भाजपा विधायकों ने कार्यवाही की बाधित
    2. विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने दो विधायकों को चेताया

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा की पहली पाली में आंगनबाड़ी सेविकाओं को मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों के विधायकों ने हंगामा किया।

    विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए जैसे ही अल्पसूचित प्रश्न को लिया उसी वक्त भाजपा के विधायक वेल में आ गए और रिपोर्टर टेबल को घेर कर नारेबाजी करने लगे।

    शोर-शराबे से कार्यवाही बाधित होने लगी। इस बीच शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने शालिनी मिश्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि स्नातक पास छात्राओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित कराया जा रहा है। तभी भाजपा के कुछ विधायकों ने रिपोर्टर के दो कुर्सियों को पलट दिया।

    हंगामें के बाद मार्शलों ने अलग रखी कुर्सी

    हालांकि, मार्शल ने कुर्सियों को उठाकर अलग रख दी। इसके बाद अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने तारांकित प्रश्न लिया, लेकिन हंगाम के चलते उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर साढ़े बारह बजे दिन तक स्थगित कर दिया। हालांकि, यही हंगामा शून्यकाल में भी हुआ और विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।

    जब विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की दोबारा कार्यवाही शुरू की तब विरोधी दल के नेता विजय कुमार सिन्हा ने आसन से कुछ कहना चाहा।

    इस पर अध्यक्ष ने उन्हें रोकते हुए कहा कि सात कार्य स्थगन प्रस्ताव सदन में आया है, लेकिन दूसरी पाली में सरकार द्वारा बिहार जाति आधारित गणना की पुस्तिका सदन पटल पर रखा जाएगा। इसलिए समय की कमी के चलते कार्य स्थगन प्रस्ताव को अमान्य किया जाता है।

    इसके बाद विरोधी दल के नेता ने राज्य में कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए इस पर सरकार से सदन में उत्तर देने की मांग आसन से की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आसन से कहा कि प्रतिपक्ष के नेता की बात पर आसन से सदन में नियमित मिलेगा तो उस पर सरकार जवाब देगी।

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    तभी विरोधी दल के नेता ने कहा-संसदीय कार्य मंत्री अपनी बातों को घुमाते हैं, लेकिन विरोधी दल के नेता की कुर्सी इतनी कमजोर नहीं होती कि किसी के घुमाने से घूम जाए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने विरोधी दल के नेता पर चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे लगता है कि सरकार की उपलब्धि‍ से ये चक्करा जाते हैं।

    दो विधायकों का आचारण की शिकायत

    विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने शून्यकाल में सदन को बताया कि सदन के अंदर तैनात सुरक्षाकर्मियों से उन्हें शिकायत मिली है कि हंगामे के दौरान रिपोर्टर टेबल की कुर्सियों को संभालने में विधायक पवन कुमार और आलोक रंजन ने पैरों से सुरक्षाकर्मियों के पैरों पर मारा। यह आचरण अनुचित है। आगे भविष्य में ऐसा आचरण नहीं बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा और आसन द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

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